बाराबंकी। बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल देने के सरकारी दावों के बीच देवा क्षेत्र के ग्राम सलारपुर का एक मामला चर्चा में है। यहां देवा-फतेहपुर मार्ग पर संचालित शिव शक्ति शिक्षण संस्थान के ठीक बगल में देसी शराब की दुकान संचालित होने से स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने चिंता जताई है। मामले ने विद्यालय की मान्यता और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शराब की दुकान करीब 17 वर्ष से संचालित है, जबकि विद्यालय बाद में खोला गया। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब शराब का ठेका पहले से मौजूद था तो विद्यालय के लिए इसी स्थान का चयन क्यों किया गया। विद्यालय को मान्यता देने से पहले संबंधित विभाग ने किन मानकों के आधार पर निरीक्षण किया, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब की दुकान के आसपास अक्सर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/उनका कहना है कि विद्यालय के आसपास का वातावरण बच्चों के सर्वांगीण विकास के अनुकूल नहीं दिखाई देता। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार विद्यालय की ड्रेस पहने बच्चे शराब की दुकान के पास स्थित कैंटीन से सामान खरीदते देखे जाते हैं। इसे लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। उनका कहना है कि विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) देवा अर्चना यादव ने कहा कि प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि विद्यालय को मान्यता कब और किन परिस्थितियों में प्रदान की गई थी। बीईओ ने कहा कि बच्चों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। जांच में यदि नियमों के उल्लंघन या किसी स्तर पर लापरवाही के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय और शराब की दुकान की स्थिति को लेकर निर्धारित मानकों का पालन हुआ या नहीं तथा विद्यालय को मान्यता प्रदान करते समय संबंधित विभाग ने किन पहलुओं का परीक्षण किया था।