सीएम युवा योजना से बदली युवाओं की तकदीर, मिला लोगों को रोजगार

बाराबंकी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना जिले के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर युवा न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। जिले के आर्यन कुमार और प्रखर शुक्ला इसकी मिसाल बनकर उभरे हैं। दोनों युवाओं को योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपने हुनर को सफल व्यवसाय में बदल दिया। ग्राम दरावपुर निवासी आर्यन कुमार ने पारंपरिक मधुमक्खी पालन को आधुनिक उद्यम के रूप में विकसित किया है। पिता से मिले अनुभव को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण लिया और शहद आधारित उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया। आर्यन वर्तमान में हनी विनेगर, हनी जिंजर, ड्राई फ्रूट्स विद हनी और गार्लिक विद हनी जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार कर रहे हैं। उनका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पादित शहद को बेहतर पैकेजिंग और प्रोसेसिंग के माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचाना है। इसके साथ ही वह क्षेत्र के अन्य मधुमक्खी पालकों को भी बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। आर्यन का कहना है कि सरकारी योजना से मिली आर्थिक मदद ने उनके सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वह अपने व्यवसाय का विस्तार कर अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना चाहते हैं। बाराबंकी निवासी प्रखर शुक्ला को बचपन से ही कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग में रुचि थी।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/सीमित संसाधनों के कारण उनका सपना अधूरा रह रहा था, लेकिन सीएम युवा योजना से मिले पांच लाख रुपये के ऋण ने उनकी राह आसान कर दी। ऋण राशि से उन्होंने कंप्यूटर खरीदकर अपना काम शुरू किया और तीन युवाओं को रोजगार दिया। धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ता गया। आज उनकी कंपनी में 40 से अधिक लोग कार्यरत हैं और देश-विदेश के 50 से ज्यादा क्लाइंट्स के लिए कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग का काम किया जा रहा है। प्रखर का कहना है कि यदि युवाओं के पास हुनर और लगन हो तो सरकारी योजनाएं उन्हें सफलता तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन सकती हैं। आर्यन और प्रखर भले ही अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हों, लेकिन दोनों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिलने पर युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। एक ओर जहां आर्यन ने कृषि आधारित उद्यम को नई पहचान दी, वहीं प्रखर ने डिजिटल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए। प्रदेश सरकार की मंशा युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इसी उद्देश्य को साकार कर रहा है। योजना के तहत युवाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें। आर्यन और प्रखर की सफलता की कहानी जिले के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। यह बदलते बाराबंकी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश करती है, जहां युवा अपने सपनों को साकार करने के साथ-साथ समाज और अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रहे हैं।

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