सोनभद्र। नगर स्थित श्री रामलीला मंच पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चैथे दिन रविवार की सायंकालीन बेला में भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूम उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ व्यासपीठ पर विराजमान लड्डू गोपाल जी की आरती से हुआ। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक बाल व्यास मानस जी महाराज ने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सदाचार और भक्ति की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान भक्ति करने वाले हर व्यक्ति को शक्ति प्रदान करते हैं, चाहे वह किसी भी जाति, वर्ग, संप्रदाय, गरीब या अमीर से जुड़ा हो। उन्होंने भक्त धु्रव और भक्त प्रह्लाद की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे भक्त को विपरीत परिस्थितियों में भी घबराना नहीं चाहिए। जिस प्रकार भगवान ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नर सिंह अवतार लिया, उसी प्रकार सच्ची भक्ति करने वालों के कष्ट दूर करने के लिए भगवान किसी न किसी रूप में अवश्य प्रकट होते हैं।read more:https://pahaltoday.com/lathicharge-on-lawyers-and-demolition-of-chambers-is-an-attack-on-democracy-rakesh-sharan-mishra/ कथा के दौरान बाल व्यास मानस जी महाराज ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। उन्होंने समाज में बढ़ती विकृतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से सनातन संस्कृति और संस्कारों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया गया। जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन पर जमकर नृत्य किया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर निरंजन जायसवाल, राजेश्वर प्रसाद, संदीप तिवारी, बृजेश यादव, राजेश श्रीवास्तव, भोला अग्रहरि, रमाशंकर सिंह, राजेश अग्रहरि, अविनाश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।