सोनभद्र। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं के चेबरों पर बुलडोजर कार्रवाई और विरोध कर रहे वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले को लेकर संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।read more:https://pahaltoday.com/shri-durga-ji-mandir-dharma-jagran-and-seva-samiti-has-been-quenching-the-thirst-of-passersby-in-the-scorching-heat-for-29-years/
रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री मिश्र ने कहा कि बिना समुचित पूर्व सूचना, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखे अधिवक्ताओं के चेबरों पर बुलडोजर चलाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग है और न्यायालय परिसर में बने चैंबर केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की आजीविका, विधिक दस्तावेजों तथा मुवक्किलों के विश्वास का केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अचानक चेंबर ध्वस्त करना अधिवक्ता समाज के सम्मान पर सीधा आघात है। श्री मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि जिन अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग के दोषी पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक अथवा प्रशासनिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होती है, न कि दमनात्मक कार्रवाई। श्री मिश्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर के अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।