गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार में मंगलवार को गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य श्री दीपक गोयल की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद की उपस्थिति में जनपद स्तरीय गो संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में गोवंश संरक्षण, गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, निराश्रित गोवंश के संरक्षण तथा गोसेवा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी एल०ए०, अपर नगर आयुक्त नगर निगम, परियोजना निदेशक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी,जिला सूचना अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य श्री दीपक गोयल द्वारा प्रेस वार्ता की गयी।बैठक में गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार शुक्ल ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गो आश्रय स्थलों पर भरण-पोषण, हरे चारे, भूसे, दाने, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि संरक्षित गोवंश को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए तथा गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।उन्होंने हरे चारे की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय किसानों से अनुबंध करने के निर्देश दिए, ताकि गो आश्रय स्थलों पर वर्षभर हरा चारा उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को गोवंश सुपुर्द किए जाने तथा निराश्रित गोवंश को प्राथमिकता के आधार पर गो आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए।
नवीन गो आश्रय स्थलों के निर्माण एवं हरित वातावरण विकसित करने पर जोर
गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने नवीन गो आश्रय स्थलों के निर्माण के संबंध में संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त भूमि का चयन कर भूमि संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गो आश्रय स्थलों में हरित वातावरण विकसित करने के लिए व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने पर जोर दिया। साथ ही वन विभाग को लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़क किनारे घूमने वाले गोवंश की सुरक्षा पर विशेष जोर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों के आसपास विचरण करने वाले गोवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मार्ग के आसपास घूमने वाले गोवंश को रेडियम पट्टी पहनाने तथा सड़क दुर्घटना में घायल गोवंश को तत्काल सुरक्षित रूप से गो आश्रय स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।उपाध्यक्ष ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गोवंश संरक्षण से जुड़े अपने-अपने दायित्वों का पूरी लगन, निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल पशुपालन विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में निराश्रित गोवंश सड़कों पर विचरण करता हुआ न मिले तथा संरक्षित गोवंश के लिए आश्रय, भोजन, पानी एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गोसेवकों की मांग पर पॉलीक्लीनिक निर्माण के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के निर्देश
बैठक में जनपद गाजियाबाद में गोसेवकों द्वारा की जा रही पॉलीक्लीनिक के निर्माण की मांग को मूर्त रूप देने के संबंध में भी चर्चा की गई। इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव को पुनः आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि गोवंश के बेहतर उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।इसके अतिरिक्त गोवंश संरक्षण एवं भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था से जुड़े नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग एवं पशुपालन विभाग को अपने-अपने कार्य दायित्व के अनुसार वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा समयबद्ध अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से गोवंश संरक्षण की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
गो आश्रय स्थलों का किया गया भौतिक निरीक्षण
सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से गो आश्रय स्थलों का भ्रमण कर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बैठक से पूर्व एवं बैठक के उपरांत गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा जनपद के तीन गो आश्रय स्थलों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान गोवंश के भरण-पोषण, चारे एवं पानी की उपलब्धता, चिकित्सा व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन किया गया।बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गोवंश संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अतः सभी संबंधित अधिकारी एवं विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि जनपद में कोई भी गोवंश निराश्रित न रहे तथा गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश को बेहतर एवं मानवीय परिस्थितियां उपलब्ध हों।