नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है।पेपर लीक और धांधली के पुख्ता सबूत मिलने के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के सीकर सहित अन्य कोचिंग हब में परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हो गए थे। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप को मुख्य परीक्षा के पेपर से हूबहू मेल खाते सवाल मिले, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया। इस पूरे मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। इस फैसले से परीक्षा में शामिल हुए करीब 23 लाख उम्मीदवारों को दोबारा तैयारी करनी होगी। राहत की बात यह है कि छात्रों को री-टेस्ट के लिए कोई अतिरिक्त फीस या नया फॉर्म नहीं भरना होगा।read more:https://pahaltoday.com/meritorious-students-were-honoured-talent-award-ceremony-was-organised-in-pt-sachchidanand-inter-college/ एनटीए जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर नए एडमिट कार्ड जारी करेगा। क्या उम्मीदवारों को फिर से फीस देनी होगी? नहीं, उम्मीदवारों के लिए यह राहत की बात है कि उन्हें नीट यूजी 2026 री-टेस्ट के लिए कोई भी अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी। इसके लिए उनका पुराना रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेगा। एनटीए सभी उम्मीदवारों के लिए नए एडमिट कार्ड जारी करेगा। उम्मीदवारों को दोबारा फॉर्म भरने की भी कोई जरूरत नहीं है। शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच सीबीआई को सौंप दी है। सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर हों। ईमानदारी से नीट यूजी की तैयारी करने वाले ज्यादातर उम्मीदवार इस फैसले से खुश हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग परीक्षा दोबारा होने के कारण मानसिक तनाव में भी है।