एआई से भी ज्यादा सुपर इंटेलिजेंट शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एक आइडिया आया कि इस बार शिक्षक दिवस के आसपास ही मेलों का मौसम आता है, तो क्यों न खास तौर पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ही शिक्षक मेला आयोजित किया जाए। तुरंत शिक्षकों को उनके कार्यस्थल के नजदीक आयोजित शिक्षक मेले में उपस्थित रहने के आदेश जारी कर दिए गए।इस आदेश से शिक्षक समुदाय में बेचैनी फैल गई, लेकिन छुट्टी के दिनों में सिर चकरा देने वाले ‘सर’ समेत तरह-तरह के सरकारी काम करने के आदी शिक्षक मजबूरी में, मन मारकर मेले में ड्यूटी करने पहुंच गए।हालांकि मेले में लगाए गए स्टाल देखकर शिक्षक खुद चकरा गए।
एक स्टाल था— ‘जनगणना स्टाल’। उस पर लिखा था, ‘शिक्षक मित्रों को यहां जनगणना का प्रशिक्षण दिया जाता है। जनगणना की प्रक्रिया, लोगों के उलटे-सीधे सवालों के जवाब, फार्म भरवाने और उसकी जांच करते समय किन बातों का ध्यान रखना है, इसकी जानकारी यहां से दी जाएगी।’अधिकांश शिक्षक इस स्टाल से भाग खड़े हुए। लेकिन वहां तो शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी पहले से ही मोर्चा संभाले खड़े थे। उन्होंने शिक्षकों से कहा, ‘ऐसे भागिए मत, आपके काम के स्टाल तो इस तरफ हैं।’शिक्षक वहां पहुंचे तो एक स्टाल पर लिखा था, ‘पशु गणना का प्रशिक्षण।’read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/दूसरे पर लिखा था, ‘मलेरिया सर्वेक्षण।’ तीसरे पर, ‘फसल का सर्वेक्षण।’ और चौथे पर लिखा था, ‘सरकार द्वारा आयोजित रोड शो सम्मेलन के लिए विद्यार्थियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था तथा उनकी उपस्थिति की जिम्मेदारी।’शिक्षक तो जैसे किसी भुतहा जगह पर आ गए हों, इस तरह घबरा उठे और इधर-उधर भागने लगे।तभी एक शिक्षक को शिक्षा विभाग का एक कर्मचारी मिला। उसके हाथ में एक प्लेकार्ड था, जिस पर लिखा था, ‘विद्यार्थियों के आधार कार्ड का सत्यापन करवाएं।’दूसरे प्लेकार्ड पर लिखा था, ‘विभिन्न आंकड़ों की ऑनलाइन एंट्री करें, कंप्यूटर पर बैठें।’तीसरे प्लेकार्ड पर लिखा था, ‘प्रवेशोत्सव और अन्य सरकारी आयोजनों के विद्यालय में होने वाले कार्यक्रमों के फोटो अपलोड करें।’चौथे पर लिखा था, ‘मिड-डे मील का हिसाब रखें।’शिक्षक घबराए हुए इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन उन्हें ऐसे ही तमाम स्टाल और बैनर दिखाई देते रहे।आखिरकार एक शिक्षक को एक विचार आया। वे स्वयं आगे बढ़कर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के पास जाकर बोले, ‘इन सभी स्टाल और प्लेकार्ड पर लिखी सूचनाएं और ये सारे काम ठीक हैं। हमारे लिए तो ये भी फन एक्टिविटी ही हैं। लेकिन हमारी जो बुनियादी जिम्मेदारी है, उसके मुताबिक शिक्षा से संबंधित कोई स्टाल है क्या? शिक्षा सामग्री, विद्यार्थियों का मूल्यांकन, किताबें, गणवेश, विद्यालय में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, इनसे संबंधित कोई स्टाल है क्या?’एक अधिकारी मुंह बनाकर बोले, ‘वो क्या है न कि इस मेले की भीड़ में शिक्षा थोड़ी खो गई है, आप ये सारे काम निपटा लीजिए, फिर समय बचा तो उसे खोजेंगे।’इतना वाक्य पूरा करते-करते अधिकारी तो मेला छोड़कर फरार हो गए।(शिक्षक कभी साधारण नहीं होते, लेकिन शिक्षा सहायक तो दशकों तक साधारण ही रहता है।)