बीना परियोजना में भर्ती को लेकर उठे सवाल, विस्थापितों ने लगाया अनदेखी का आरोप

बीना, सोनभद्र। एनसीएल बीना परियोजना में कार्य कर रही राधा चेन्नई कंपनी की भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। क्षेत्र के विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने कंपनी पर स्थानीय युवाओं की अनदेखी तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी में ड्राइवर, ऑपरेटर और तकनीशियन पदों पर भर्ती की बात कही जा रही है, लेकिन बीना परियोजना से सटे गांवों के युवाओं को ट्रायल तक का अवसर नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने हेल्पर पद के संबंध में पूछने पर कहा कि कंपनी में इस पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/ क्षेत्र पंचायत सदस्य दशरथ पनिका ने बताया कि वे ग्रामीणों के साथ करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर कंपनी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता की। उनका आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने बताया कि एनसीएल की ओर से सूची भेजी गई है और उसी के आधार पर भर्ती की जाएगी। हालांकि भर्ती की प्रक्रिया और समय-सीमा के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ग्राम बासी निवासी शशि सिंह चंदेल ने कहा कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। उनका दावा है कि एनसीएल की ओर से 300 से अधिक नामों की सूची कंपनी को उपलब्ध कराई गई है, लेकिन विस्थापित परिवारों को अब तक रोजगार नहीं मिल सका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों के युवाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से भर्ती नहीं की गई तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करेंगे। उल्लेखनीय है कि एनसीएल खड़िया परियोजना में कार्यरत कलिंगा कंपनी पर पहले भी विभिन्न आरोप लग चुके हैं। ऐसे में बीना परियोजना में भर्ती को लेकर उठे सवालों ने स्थानीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।

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