गंगोह। श्रीमद्भागवत सप्ताह के अंतिम दिन कथा वाचक ने कहा कि प्रेम के माध्यम से हर कार्य करना सरल है। समाज में कुछ लोग ही अछे कर्मों द्वारा सदैव याद किया जाता है। महिलाओं के नृत्य और भक्ति गीतों ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। सराय पट्टी स्थित रामलीला भवन में संस्था श्री महाकालेश्वर युवा कमेटी द्वारा श्रीमद्भागवत के सातवें दिन कथा का समापन कर दिया गया।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/ अंतिम दिन कथा वाचक आचार्य सरस जी महाराजघ् ने भगवान श्री कृष्ण की सर्वोपरी लीला, रास लीला, मथुरा गमन, कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध, रुक्मणी विवाह, सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायन में उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। इससे पूर्व कथा के आरंभ में पूजन किया गया। कथा वाचक को माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया। इस अवसर पर अमित उपाध्याय, राजीव शर्मा, रीना, सविता, सीता, अंकित, राजीव, अंकुर प्रजापति, राकेश, अंकित, महिपाल सैनी, मोनू शर्मा, राजेंद्र कश्यप, राधा, सरोज, बाला, गायत्री, सोनिया सैनी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।