बहराइच ( पयागपुर )। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। विकासखंड पयागपुर की 69 ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे बदहाल होते जा रहे हैं। कई स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।सरकार की मंशा थी कि ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति मिले और गांवों में स्वच्छता का वातावरण कायम हो।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के बाद इनके नियमित रखरखाव और संचालन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई सार्वजनिक शौचालयों में साफ-सफाई, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव है। कहीं भवन उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं तो कहीं शौचालयों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इन सुविधाओं का समुचित इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से सार्वजनिक शौचालयों की जांच कराकर उनकी मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य धरातल पर साकार हो सके और सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो।