जब चुनाव करीब आते हैं, तो राजनीति के कई पुराने अध्याय अचानक फिर खुल जाते हैं। वर्षों पहले दब चुके विवाद, रिश्ते और आरोप दोबारा चर्चा में आने लगते हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उनका 33 साल पुराना कथित प्रेम-प्रसंग एक बार फिर सुर्खियों में है।नेतनयाहू का उपनाम बीबी है और वर्ष 1993 में रुथ बार के साथ उनके संबंधों को लेकर सामने आए विवाद को उस समय बीबी-गेट के नाम से खूब चर्चा मिली थी। उस विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे और धीरे-धीरे यह पूरा मामला लोगों की स्मृति से लगभग गायब हो गया। लेकिन अब रुथ बार ने एक इंटरव्यू में नेतनयाहू के साथ अपने पुराने संबंधों और उनके व्यक्तित्व को लेकर खुलकर बातें की हैं। इससे तीन दशक से अधिक पुराना मामला फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।इजरायल में 27 अक्टूबर, 2026 को चुनाव होने वाले हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू का राजनीतिक भविष्य इन चुनावों में एक बार फिर परीक्षा से गुजरने वाला है। हमास के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच नेतनयाहू की सरकार को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।इजरायल में लंबे समय से नेतनयाहू के खिलाफ प्रदर्शन होते रहे हैं। प्रदर्शनकारी युद्ध समाप्त करने और देश में शांति बहाल करने की मांग करते रहे हैं। इजरायल की सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर भी नेतनयाहू सरकार पर दबाव बढ़ा है।ऐसे राजनीतिक माहौल में रुथ का सामने आना नेतनयाहू के लिए एक नई परेशानी बन सकता है। रुथ ने केवल अपने पुराने संबंधों के बारे में ही बात नहीं की, बल्कि नेतनयाहू के स्वभाव, उनकी राजनीतिक कार्यशैली और सत्ता के प्रति उनके दृष्टिकोण को लेकर भी कई टिप्पणियां की हैं।बेंजामिन नेतनयाहू जब लिकुड पार्टी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर रहे थे, उसी दौर में रुथ बार उनकी जिंदगी में आईं। रुथ पेशे से मार्केटिंग और मीडिया कंसल्टेंट थीं। नेतनयाहू जब लिकुड पार्टी के प्राइमरी चुनाव की तैयारी कर रहे थे, तब रुथ बार को उनका मीडिया और रणनीतिक सलाहकार नियुक्त किया गया था।उस समय दोनों ही शादीशुदा थे। नेतनयाहू की शादी सारा से हो चुकी थी और रुथ भी वैवाहिक जीवन में थीं। पार्टी के काम के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और देखते ही देखते उनका रिश्ता चर्चा का विषय बन गया।लेकिन इस कहानी में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब नेतनयाहू को एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि नेतनयाहू लिकुड पार्टी के नेतृत्व की दौड़ से पीछे नहीं हटे, तो रुथ बार के साथ उनके वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी जाएंगी। नेतनयाहू ने ब्लैकमेल के आगे झुकने के बजाय इस मामले का सामना करने का फैसला किया।14 जनवरी, 1993 को बेंजामिन नेतनयाहू टेलीविजन पर आए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि रुथ बार के साथ उनका संबंध रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह संबंध अब समाप्त हो चुका है और कुछ लोग इस मामले का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए कर रहे हैं।उस समय इस खुलासे ने इजरायल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी थी। मामले को बीबी-गेट नाम दिया गया और काफी समय तक इसकी चर्चा होती रही।हालांकि, इस विवाद का राजनीतिक असर नेतनयाहू की महत्वाकांक्षाओं पर उस तरह नहीं पड़ा, जैसा उनके विरोधी शायद उम्मीद कर रहे थे। भारी विवाद के बावजूद वे चुनाव जीतने में सफल रहे।दूसरी ओर, रुथ बार के निजी जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। उनके पति डा. शमूएल बार ने उनसे तलाक ले लिया। इसके बाद रुथ काफी हद तक सार्वजनिक जीवन और मीडिया की सुर्खियों से दूर हो गईं। उन्होंने आगे चलकर ऑर्गेनाइजेशनल साइकोलॉजिस्ट के रूप में काम करना शुरू किया।समय बीतता गया और नेतनयाहू तथा रुथ बार का यह पुराना अध्याय लगभग भुला दिया गया। लेकिन अब रुथ ने खुद इस रिश्ते को लेकर बात की है।रुथ बार ने हाल ही में ब्रेन अंडर द इन्फ्लुएंस नामक पुस्तक प्रकाशित की है। पुस्तक के लॉन्च के दौरान उन्होंने पत्रकार बेन कासिपत को एक इंटरव्यू दिया। इसी बातचीत में उन्होंने बेंजामिन नेतनयाहू के साथ अपने पुराने संबंधों के बारे में खुलकर बात की।रुथ ने कहा कि जब वह पहली बार बेंजामिन नेतनयाहू से मिली थीं, तभी वे उनकी ओर बहुत अधिक आकर्षित हो गई थीं। उनके अनुसार, नेतनयाहू के प्रति उनकी भावनाएं बाद में कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं।लेकिन रुथ की बातें केवल पुराने प्रेम संबंध तक सीमित नहीं रहीं।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/ उन्होंने नेतनयाहू के व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली को लेकर भी गंभीर टिप्पणियां कीं।रुथ बार ने नेतनयाहू को अहंकारी बताया। उनका कहना था कि नेतनयाहू अपने अलावा दूसरे लोगों को छोटा और महत्वहीन समझते थे। रुथ के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति हों, सैन्य अधिकारी हों, पत्रकार हों या राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, नेतनयाहू अक्सर उन्हें अपने से नीचे समझते थे।रुथ ने यह भी कहा कि नेतनयाहू अपनी सार्वजनिक छवि को लेकर बेहद सतर्क रहते थे। सत्ता में बने रहना उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था और इसके लिए वे कठोर रवैया अपनाने से भी पीछे नहीं हटते थे।उनके अनुसार, सत्ता में बने रहने की इच्छा नेतनयाहू की राजनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। रुथ का आरोप है कि वे कई परिस्थितियों में सबसे पहले अपने राजनीतिक हित के बारे में सोचते थे।रुथ बार ने नेतनयाहू की राजनीतिक व्यवस्था को पॉइजनिंग मशीन यानी जहर उगलने वाली मशीन तक कहा है।उनके अनुसार, राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए विरोधियों के बारे में नकारात्मक बातें और अफवाहें फैलाना इस राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा रहा है। रुथ की इन टिप्पणियों ने इजरायल की राजनीति में पुराने विवाद को फिर से जीवित कर दिया है।खास बात यह है कि रुथ ने अपनी लगभग 600 पन्नों की पुस्तक में नेतनयाहू के साथ अपने अफेयर की विस्तृत चर्चा नहीं की है। उनकी पुस्तक मुख्य रूप से इजरायल में हुए चुनावों और उनके मनोवैज्ञानिक पहलुओं का विश्लेषण करती है।उन्होंने इस बात पर चर्चा की है कि चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक नेताओं ने किस तरह की रणनीतियां अपनाईं, मतदाताओं के मनोविज्ञान को कैसे प्रभावित किया गया और इन रणनीतियों के क्या परिणाम निकले।लेकिन पुस्तक के विमोचन के दौरान दिए गए इंटरव्यू में नेतनयाहू को लेकर रुथ की टिप्पणियां अलग से चर्चा का विषय बन गई हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीन दशक पुराने इस मामले का मौजूदा चुनाव पर कितना असर पड़ेगा? राजनीतिक विश्लेषण में व्यक्तिगत विवादों का प्रभाव हमेशा एक जैसा नहीं होता। किसी नेता के पुराने निजी जीवन से जुड़े मामले तभी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनते हैं, जब उनका संबंध मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाताओं की चिंताओं से जुड़ जाए।नेतनयाहू के सामने इस समय पहले से ही कई राजनीतिक चुनौतियां हैं। हमास के साथ युद्ध, क्षेत्रीय तनाव, सुरक्षा संबंधी सवाल और सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों ने उनके लिए राजनीतिक स्थिति कठिन बनाई है।ऐसे समय में रुथ बार का इंटरव्यू भले ही 33 साल पुराने मामले को फिर चर्चा में ले आया हो, लेकिन चुनाव का अंतिम फैसला इजरायली मतदाता मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर करेंगे।बेंजामिन नेतनयाहू और सारा का रिश्ता भी अपने आप में दिलचस्प है। सारा नेतनयाहू की तीसरी पत्नी हैं। नेतनयाहू ने इससे पहले दो शादियां की थीं। सारा की भी पहले एक शादी हो चुकी थी।सारा पेशे से चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट हैं। हालांकि, नेतनयाहू से मुलाकात के समय वह इजरायल की सरकारी एयरलाइन में एयर होस्टेस के रूप में काम करती थीं। एक उड़ान के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी।नेतनयाहू और सारा की प्रेम कहानी का एक दिलचस्प इंडियन कनेक्शन भी है। दोनों की पहली मुलाकात तेल अवीव के एक भारतीय रेस्तरां तंदूरी में हुई थी। बताया जाता है कि मिलने के लिए यह जगह सारा ने चुनी थी। दोनों ने लगभग दो साल तक एक-दूसरे को डेट किया और वर्ष 1991 में शादी कर ली।बेंजामिन और सारा नेतनयाहू के दो बेटे हैं यायर और अवनर। सारा इजरायल में एक लोकप्रिय सार्वजनिक चेहरा हैं, लेकिन उनका नाम कई विवादों में भी सामने आता रहा है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मामलों को लेकर आरोप और कानूनी विवाद रहे हैं। एक मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और उन पर 55 हजार इजरायली शेकेल का जुर्माना भी लगाया गया था।इसके बावजूद सारा ने अपने पति बेंजामिन नेतनयाहू का राजनीतिक जीवन में लगातार साथ दिया है।अब जब इजरायल में चुनाव का माहौल बन रहा है, नेतनयाहू के खिलाफ राजनीतिक विरोध के बीच रुथ बार का 33 साल पुराना अध्याय फिर से सामने आ गया है। यह मामला कितना राजनीतिक असर पैदा करता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि इजरायली राजनीति में दबा हुआ एक पुराना अध्याय फिर से सुर्खियों में आ गया है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह
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