बाराबंकी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने दिल्ली में नीट परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। पुनिया ने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए। पीएल पुनिया ने बताया कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर छात्रों की आवाज उठाई थी। उन्होंने लाखों छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनके भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार से समाधान की मांग की है।read more:https://worldtrustednews.in/new-indias-new-up-will-not-have-any-memorial-or-fair-dedicated-to-a-foreign-invader-chief-minister/कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनिया ने जोर दिया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में लेना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए व्यवहार को बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पीएल पुनिया ने चेतावनी दी कि आज का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नौजवान जिस दिशा में जाएगा, सत्ता का रुख भी उसी दिशा में बदलेगा।