सोनभद्र। नवसृजित विकास खंड कोन अंतर्गत सीएचसी चोपन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनरवा में चिकित्सक की अनुपस्थिति और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नियमित चिकित्सकीय सेवा बहाल करने तथा लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।read more:https://pahaltoday.com/ntpc-singrauli-launches-swachhta-pakhwada-with-grand-ceremony/
ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचसी कचनरवा पर एक चिकित्सक की नियुक्ति होने के बावजूद डॉक्टर वर्षों से नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते हैं। बताया गया कि चिकित्साधिकारी महीने में कभी-कभार एक दिन आकर कागजी औपचारिकता पूरी कर लेते हैं, जबकि स्थानीय मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। वरिष्ठ समाजसेवी जोखन प्रसाद, गंगा प्रसाद और कैलास राम ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की ड्यूटी होने के बावजूद अस्पताल में उनकी मौजूदगी नहीं रहती, जिससे लोगों को झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मरीजों को जान जोखिम में डालकर इलाज कराना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 12 किलोमीटर क्षेत्र से घिरे इस अस्पताल पर आसपास की बड़ी आबादी निर्भर है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। अस्पताल परिसर में बिजली व्यवस्था खराब है, शौचालय बदहाल हैं और चारों तरफ गंदगी व झाड़ियां फैली हुई हैं। रात में आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात कर रही है, वहीं ऐसे गैरजिम्मेदार अधिकारियों और चिकित्सकों के कारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन में जोखन प्रसाद, बिहारी प्रसाद यादव, गंगा प्रसाद, अमरकेश, कैलास, रघुवर प्रसाद सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। उधर इस संबंध में पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी कचनरवा से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। हालांकि उन्होंने अपने फार्मासिस्ट से मामले की जानकारी ली। वहीं सीएचसी अधीक्षक चोपन ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.के. राय ने भी कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।