तालाब सफाई की आड़ में अवैध खनन का आरोप, जांच आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं

नकुड़ (सहारनपुर)। नगर पालिका नकुड़ एक बार फिर तालाबों की सफाई के नाम पर कथित अवैध खनन को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि नगर के एक बड़े तालाब से पिछले करीब एक माह से रात के समय बिना टेंडर मिट्टी निकालकर निजी कॉलोनियों में भराव कराया जा रहा है। जबकि संबंधित तालाब की सफाई का टेंडर 29 जून को प्रस्तावित है। ऐसे में बिना टेंडर कार्य कराए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी नगर के एक तालाब से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालकर निजी कॉलोनियों में डलवाई गई थी। उस मामले की शिकायत शासन तक पहुंची थी, जिसके बाद शासन के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 22 मई को एसडीएम नकुड़ को जांच के आदेश दिए थे। आरोप है कि आदेश जारी होने के लगभग एक माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई सामने आई। मामले का एक अन्य पहलू यह भी है कि जिस तालाब की सफाई को लेकर पूर्व में लगभग 56 लाख रुपये का कार्य कराया जा चुका है, उसी तालाब के लिए अब 1.65 करोड़ रुपये के नए कार्य का टेंडर 29 जून को प्रस्तावित है। इससे पहले ही तालाब से मिट्टी निकाले जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि रात के समय जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी निकालकर निजी कॉलोनियों में भराव कराया जा रहा है, जबकि संबंधित कार्य का विधिवत टेंडर अभी नहीं हुआ है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि तहसील प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/pm-modi-calls-for-women-empowerment-calls-women-reservation-a-historic-opportunity/ बताया जाता है कि पूर्व में भी खनन संबंधी शिकायत पर तहसील स्तर से पालिका की रिपोर्ट के आधार पर मामला समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद शिकायत शासन तक पहुंची, जहां से जांच के निर्देश जारी हुए। इसके बावजूद अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, जो वर्तमान में एसडीएम देवबंद का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। अब स्थानीय नागरिकों की मांग है कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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