सोनभद्र। बरसात के मौसम में संभावित आपदाओं और जल स्रोतों में डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत गांव-गांव लोगों को आपदा से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/the-strait-of-hormuz-will-not-be-opened-by-agreement-alone-removing-marine-mines-will-take-time/प्रशासन द्वारा नदियों, नहरों, तालाबों, जलाशयों और बांधों के आसपास होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अभियान के तहत लोगों को क्या करें और क्या न करें संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं, ताकि बरसात के दौरान होने वाली जनहानि और दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जनपद के विभिन्न नदी तटों, नहरों, बांधों और जलाशयों के किनारे चेतावनी एवं सावधानी संबंधी साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा पोस्टर, पंपलेट और अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को जल स्रोतों के निकट बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और ग्राम पंचायतों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि चेतावनी बोर्डों एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, बच्चों को अकेले जल श्रोतों के पास न जाने दें तथा किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से ही डूबने जैसी दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।