सोनभद्र। आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें धर्मगुरुओं, ताजियादारों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।read more :https://pahaltoday.com/complex-disease-care/बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी ताजिया की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी तथा जुलूस मार्गों पर पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी और पूर्व से निर्धारित कर्बला स्थलों पर ही ताजिया दफन किए जाएंगे। जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी की जानकारी देते हुए कहा कि अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचना प्रसारित करने अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन और पुलिस को देने की अपील की। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मोहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्र शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित किए जाएं। निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विद्युत विभाग को जुलूस मार्गों पर लटक रहे एवं जर्जर बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर जुलूस मार्गों, कर्बला स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करने तथा स्थानीय स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मोहर्रम पर्व के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) बागीश कुमार शुक्ल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, धर्मगुरु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।