सोनभद्र। भारत सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को उप कृषि निदेशक कार्यालय मंगुराही में प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता घोरावल विधायक अनिल कुमार मौर्य ने की। इस दौरान किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर लागत घटाने और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।read more:https://pahaltoday.com/raja-singh-gave-five-tips-to-the-forest-dwellers-to-face-the-challenges/कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 22 प्राकृतिक खेती क्लस्टर संचालित हैं, जिनसे 2750 किसान जुड़े हुए हैं। उन्होंने किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से रसायन मुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक खेती करने की जानकारी दी। पूर्व सांसद रामसकल ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि आय बढ़ाने पर जोर दिया। प्रगतिशील किसान विद्यापति ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गोबर की खाद और प्राकृतिक तकनीकों के प्रयोग से बेहतर उत्पादन के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है। उन्होंने सब्जी उत्पादन में प्राकृतिक खेती की सफलता के उदाहरण भी प्रस्तुत किए। विधायक अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ समाज और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से रसायन मुक्त खेती अपनाने और मोटे अनाजों के उत्पादन व उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सनई और ढैंचा जैसी फसलों को हरी खाद के रूप में प्रयोग करने की सलाह देते हुए प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। जिला कृषि अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने विभागीय योजनाओं एवं उपलब्ध बीजों की जानकारी दी तथा सभी अतिथियों और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख अजित रावत, जिलामंत्री प्रसन्न पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।