टूटता परिवार फिर हुआ एक. ‘नई किरण’ की पहल से खत्म हुआ वैवाहिक विवाद. काउंसलिंग के बाद साथ रहने को तैयार हुए पति पत्नी

आजमगढ़।बिखरते रिश्तों को फिर से जोड़ने की दिशा में आजमगढ़ पुलिस की “नई किरण” पहल एक बार फिर सफल साबित हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में मंगलवार को थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित काउंसलिंग के दौरान एक लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया।बैठक अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में आयोजित हुई। इसमें कुल चार मामलों की सुनवाई प्रस्तावित थी। तीन मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, जिनमें एक परिवार का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया।समझौते का मामला थाना सिधारी क्षेत्र के समेदा गांव निवासी सविता से जुड़ा था। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामला परिवार टूटने की कगार पर पहुंच चुका था।read more:https://khabarentertainment.in/cunning-man-arrested-for-pressuring-woman-into-marriage-through-blackmail/परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आपसी विश्वास, संवाद, धैर्य तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया। काफी देर तक चली काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने अपने मतभेद समाप्त करने और एक साथ नया जीवन शुरू करने पर सहमति जताई।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “नई किरण” प्रोजेक्ट का उद्देश्य वैवाहिक और पारिवारिक विवादों को अदालत तक पहुंचने से पहले बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाना है। इससे जहां परिवार टूटने से बचते हैं, वहीं न्यायालयों पर बढ़ रहे मुकदमों का बोझ भी कम होता है।बैठक में उपनिरीक्षक महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेंद्र कुमार शाह, आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता तथा महिला आरक्षी नेहा सिंह मौजूद रहीं।आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि “नई किरण” केवल एक काउंसलिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को नया जीवन देने और समाज में पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करने की एक मानवीय पहल है।

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