‘स्मार्ट ग्राम भरतपुर’ साकार होने की ओर: विस्थापितों के सपनों को मिल रही नई उड़ान

बहराइच (मिहीपुरवा)। जनपद के दूरस्थ क्षेत्र भरथापुर के विस्थापित परिवारों के लिए बसाया जा रहा ‘स्मार्ट ग्राम भरतपुर’ अब धीरे-धीरे आकार लेने लगा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 25 मार्च 2026 को तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के ग्राम सेमरहना में की गई घोषणा के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में ग्राम्य विकास, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल निगम, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा बेसिक शिक्षा सहित विभिन्न विभाग समन्वय बनाकर विस्थापित परिवारों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आधुनिक ग्राम के निर्माण में जुटे हैं। आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास ग्राम भरतपुर में लोक निर्माण विभाग द्वारा आंतरिक गलियों के निर्माण के प्रथम चरण में मिट्टी भराई के बाद गिट्टी डालकर रोड रोलर से कंपैक्शन का कार्य किया जा रहा है। वहीं विद्युत विभाग ने खंभे लगाने का कार्य पूरा कर लिया है और अब बिजली लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है।  पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल निगम द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही तीन चिन्हित स्थानों पर सबमर्सिबल पंप के लिए बोरिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर विशेष फोकस विस्थापित परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण छत स्तर तक पहुंच चुका है, जहां स्वास्थ्य, पोषण और प्री-प्राइमरी शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है। आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों द्वारा आवास निर्माण के लिए नींव की खुदाई शुरू हो चुकी है। कई परिवारों ने निर्माण सामग्री जैसे ईंट आदि की व्यवस्था भी कर ली है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है। अधिकारी कर रहे मॉनिटरिंग वर्तमान में खंड विकास अधिकारी विनोद यादव और सीडीपीओ गरिमा श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहकर कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान ग्राम प्रधान चंद्रदेव, पंचायत सचिव अर्जुन सोनकर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी सक्रिय रूप से कार्य में जुटे हैं। read more:https://pahaltoday.com/officers-should-work-like-an-army-for-the-farmers-negligence-will-not-be-tolerated/‘स्मार्ट ग्राम भरतपुर’ परियोजना न सिर्फ विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का माध्यम बन रही है, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक नई उम्मीद भी जगा रही है।

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