नई दिल्ली। भारत ने ओमान की खाड़ी में अपने एक पोत पर हुए हमले की आलोचना की है। यह पोत बुधवार को हमले के बाद डूब गया था। भारत ने इसे अस्वीकार्य बताया है। इधर ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की दो- वसीय बैठक के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची की मेजबानी कर रहा था, उसी दौरान बीते 28 घंटे में भारत आ रहे एलपीजी के दो टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया। हालांकि, बुधवार को ओमान के तट के पास भारत के झंडे वाले एक पोत पर हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह की यात्रा पर निकले एक भारतीय पोत हाजी अली पर हुए हमले को ‘अस्वीकार्य’ बताया। विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों और असैन्य नाविकों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटना को लेकर चिंता जताई। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस बात को दोहराता है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और निर्दोष असैन्य चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालने या नौवहन एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता में बाधा डालने से बचा जाना चाहिए। भारत ने ओमान के अधिकारियों को बचाव कार्य के लिए धन्यवाद दिया। इस जहाज पर बुधवार तड़के ओमान के जल क्षेत्र में हमला हुआ, जिससे लकड़ी के पोत में आग लग गई और वह बाद में डूब गया।read more:https://pahaltoday.com/akhilesh-saddened-by-his-brothers-death-said-whatever-the-law-and-the-family-decide-he-will-accept-it/भारतीय अधिकारियों ने बताया कि हाजी अली पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को ओमान तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया और वे ओमान के दिब्बा बंदरगाह पहुंच गए हैं, जिन्हें जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा। वहीं होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर आ रहे दो जहाजों में एलपीजी टैंकर ‘सिमी’ शामिल है जो 13 मई को वहां से गुजरा जबकि एनवी सनशाइन ने भी जलमार्ग को सुरक्षित पार कर लिया। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि 19,965 टन एलपीजी ला रहा मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला जहाज सिमी 16 मई को गुजरात के कांडला पहुंच सकता है। इसी तरह 46,427 टन एलपीजी कार्गो लेकर आ रहे वियतनामी जहाज एनवी सनशाइन के 18 मई को न्यू मंगलूर पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का कार्गो लदा है। ईरान के विदेश मंत्री अरागची बुधवार शाम भारत पहुंचे थे और ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ पीएम मोदी से भी मुलाकात की। अरागची ने ब्रिक्स देशों से ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान की निंदा करने का आग्रह किया और संयुक्त बयान पर आम सहमति बनाने के लिए भारत से समर्थन मांगा। ब्रिक्स की बैठकों की तैयारी के लिए भारत में मौजूद ईरान के कानून और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि ईरानी अधिकारी भारत आने वाले बाकी जहाजों के गुजरने की राह आसान बनाने पर काम कर रहे हैं।