ओबरा। ओबरा तहसील स्थित रेणुका पुल के पास रविवार को खैरटिया गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने ऐश डैम से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व अपना दल (यस) के जिलासचिव शिव दत्त दुबे ने किया।read more:https://pahaltoday.com/a-young-man-jumped-from-the-saryu-bridge-rescued-by-boatmen-troubled-by-family-feud-and-demanded-a-fencing-on-the-bridge/
ग्रामीणों का आरोप है कि ओबरा तापीय परियोजना से निकलने वाली राख को खुले में डंप किया जा रहा है और उस पर मानक के अनुसार मिट्टी की परत नहीं डाली जा रही है। तेज हवा के साथ उड़ती राख सीधे गांव के घरों तक पहुंच रही है, जिससे हालात बेहद खराब हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई घरों में 2 से 3 इंच तक राख जमा हो रही है, जिससे अनाज, कपड़े और घरेलू सामान तक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासी नीरज ने बताया कि राख इतनी अधिक मात्रा में उड़ती है कि सुबह नहाने के दौरान बालों से भी राख निकलती है और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ओबरा सीजीएम से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पहले यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से हरित (ग्रीन बेल्ट) था, लेकिन परियोजना और संबंधित कंपनी की गतिविधियों के चलते अब पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। उन्होंने मांग की कि राख डंपिंग स्थल का समुचित समतलीकरण कर उस पर कम से कम 5 फीट मोटी मिट्टी की परत डाली जाए और बड़े स्तर पर पौधारोपण कर क्षेत्र को पुनः ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि फ्लाई ऐश के कारण पानी भी प्रदूषित हो रहा है और लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गांव में टीबी जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। शिव दत्त दुबे ने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण सीजीएम का घेराव करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर लखनऊ तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राख डंपिंग के नाम पर अवैध बालू खनन हो रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रदूषण पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।