बारिश के मौसम में भी नहीं बिक रही तिरपाल, दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

गाजीपुर जमानियां। कभी बारिश के मौसम में प्लास्टिक तिरपाल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आती थी, लेकिन बदलते मौसम के मिजाज और लगातार बढ़ती महंगाई ने इस कारोबार की तस्वीर बदल दी है। बारिश के सीजन में भी तिरपाल की बिक्री में भारी गिरावट आने से छोटे-बड़े दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कारोबार में लगातार गिरावट के चलते कई दुकानदार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।दुकानदारों के मुताबिक बारिश के समय और उसके पैटर्न में आए बदलाव का सीधा असर तिरपाल के कारोबार पर पड़ा है। जिस मौसम में तिरपाल की मांग सबसे अधिक होती थी, उसी दौरान बिक्री बेहद कम हो गई है। दूसरी ओर प्लास्टिक दाने समेत कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से लागत बढ़ गई है, जबकि बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते उत्पाद की कीमत उसी अनुपात में बढ़ाना मुश्किल हो रहा है।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/ ऐसे में दुकानदारों का मुनाफा लगातार कम होता जा रहा है।कारोबार को बचाने के लिए दुकानदार तिरपाल के साथ ग्रीन नेट, तिरपाल बैग, रेनकोट सहित अन्य सामान भी बेचने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इससे भी अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या कम होने के कारण सुबह से शाम तक दुकान खोलने के बावजूद बिक्री बेहद मामूली रह गई है।दुकानदार जमाल मंसूरी, बेलाल मंसूरी, जाहिद मंसूरी, शाहनवाज मंसूरी और कमाल मंसूरी ने बताया कि बारिश के मौसम में भी तिरपाल की बिक्री लगभग न के बराबर रह गई है। उनका कहना है कि कई बार पूरे दिन दुकान पर बैठने के बाद भी 500 रुपये की बिक्री करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दुकान का किराया, बिजली, माल की लागत और परिवार का खर्च निकालना चुनौती बन गया है।दुकानदारों का कहना है कि बदलते मौसम, महंगाई और बाजार में कमजोर मांग ने उनके पारंपरिक कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो छोटे दुकानदारों के सामने कारोबार बंद करने तक की नौबत आ सकती है।

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