गाजीपुर जमानियां। FLN (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) एवं NCERT आधारित पाठ्य पुस्तकों पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान 100 शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धतियों एवं पाठ्यक्रम आधारित गतिविधियों की जानकारी दी गई।अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण से शिक्षकों के शैक्षणिक कार्य में गुणात्मक परिवर्तन आएगा, जिसका सीधा लाभ बच्चों को निपुण बनाने में मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं बाल-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक जानकारी और तकनीक प्रदान की गई।बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रशिक्षण से वंचित रह गए शिक्षकों को वर्ष 2026-27 में पुनः प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।
read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/इसमें विशेष रूप से SIR कार्य, विधानसभा चुनाव संबंधी दायित्वों तथा स्वास्थ्य संबंधी कारणों से प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व निर्धारित योजना के तहत मुख्यालय से बाहर रहने के कारण प्रशिक्षण में शामिल न हो पाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों के हितों और सुविधाओं के प्रति भी संवेदनशील है। शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सकारात्मक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रहा है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को अनावश्यक कठिनाइयों में डालना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।इस अवसर पर ARP अरविंद कुमार सिंह ने शिक्षकों को समग्र प्रगति पत्र के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ARP प्रेम कुमार सिंह यादव, सुरेश कुमार, राजकुमार, सर्वजीत, करुणा राय, प्रियंका राय, प्रतिभा कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।