स्वर की वो रानी, सुरों की मूरत,
हर दिल में बसती, मधुर सी सूरत।
गीतों की गंगा, सुरों का सागर,
तेरी आवाज़ में है जादू का घर।
कभी ठुमरी, कभी ग़ज़ल का रंग,
हर धुन में झलके जीवन के ढंग।
तेरी तान में छुपा हर एहसास,
हँसी भी तेरी, तेरे ही पास।
सदियों तक गूंजेगा तेरा ये नाम,
संगीत जगत में तेरा ही धाम।
हर दिल से निकले बस यही वंदना—
तू रहे अमर, यही है साधना।