नई दिल्ली। दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर अब न केवल छोटा होने जा रहा है, बल्कि बेहद आधुनिक भी होने वाला है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे देश को सौंपा है। जिसके साथ ही आज से यह मार्ग आम जनता के लिए पूरी तरह खुल गया। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षित और सहज यातायात सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तराखंड परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, इसलिए यहां वाहन चलाते समय विशेष अनुशासन की आवश्यकता है।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेस-वे पर बीच रास्ते में गाड़ी रोकना, मोड़ना या गलत दिशा में चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले ही अपने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तय कर लें। पूरी सड़क पर इलेक्ट्रॉनिक कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी और गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ऑटोमैटिक चालान की कार्रवाई की जाएगी।read more:https://khabarentertainment.in/uncontrolled-coal-laden-truck-collides-with-a-parked-roller-driver-seriously-injured/ रात के समय ड्राइवरों को लो बीम हेडलाइट का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। इस एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के संवेदनशील इलाके से होकर गुजरता है। वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि पार्क क्षेत्र से गुजरते समय चालक अनावश्यक हॉर्न न बजाएं। इसके अतिरिक्त, डाटकाली मंदिर के पास स्थित टनल क्षेत्र में भी चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। देहरादून प्रवेश पर बरतें सावधानी उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि एक्सप्रेस-वे से देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास मार्ग पर काफी तीव्र ढाल है। ऐसे में वाहन की गति पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। यात्रियों को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वाहन की सर्विस, टायर प्रेशर और ईंधन की जांच जरूर कर लें। चूंकि इस मार्ग पर अभी पेट्रोल पंप और गैराज जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, इसलिए बीच रास्ते में ईंधन खत्म होने या टायर फटने जैसी स्थिति से बचने के लिए पूर्व तैयारी आवश्यक है।