जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के दीक्षोत्सव पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने देशभक्ति गीतों तथा मनमोहक लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव और सह संयोजक अनू त्यागी थीं। इसके पूर्व पुस्तक पठन का कार्यक्रम हुआ।read more:https://pahaltoday.com/a-confluence-of-modern-education-values-and-free-coaching-the-success-of-18-girls-in-neet-has-set-a-new-benchmark/कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा, “संगीत और लोककला केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक मूल्यों के सशक्त संवाहक हैं। जब युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति को मंच पर जीवंत करती है, तब शिक्षा अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती है। मुझे विश्वास है कि हमारी छात्राएँ ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, सृजनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।” कार्यक्रम में प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और लोकनृत्यों ने दर्शकों की भरपूर तालियाँ बटोरीं। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत “विकसित भारत @2047” विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन और लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह कुलपति सभागार समेत सभी विभागों में शिक्षक और छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ी। साथ ही इस संबंध में अपनी राय बनाकर दी। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ अनुराग मिश्र थे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह समेत सभी शिक्षक उपस्थित थे।