आजमगढ़। जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर थाना सरायमीर में तैनात एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।पुलिस विभाग की आंतरिक समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि थाना सरायमीर पर नियुक्त उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द यादव तथा बीट आरक्षी विकास कुमार यादव अपने हल्का और बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण, गश्त, पेट्रोलिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने में विफल रहे। जांच में यह भी पाया गया कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की खरीद फरोख्त पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तथा सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध आवश्यक निरोधात्मक कदम भी नहीं उठाए गए।पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को बीनापारा पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए वीरु सोनकर नामक अभियुक्त को 50 पुड़िया अवैध हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यदि संबंधित हल्का प्रभारी और बीट पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई करते, तो मादक पदार्थों की गतिविधियों पर पहले ही अंकुश लगाया जा सकता था। इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की।read more:https://khabarentertainment.in/cunning-man-arrested-for-pressuring-woman-into-marriage-through-blackmail/एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि जनपद में अपराध नियंत्रण, विशेषकर मादक पदार्थों की तस्करी, पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि किसी भी स्तर पर पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतते हैं या अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई करने में असफल रहते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने सभी थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों, हल्का प्रभारियों और बीट पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें, अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें, मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाएं तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें।इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में अनुशासन, जवाबदेही और अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।