भदोही। गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग पर एक निजी अस्पताल के पास पिछले छह दिनों से एक घायल बैल सड़क किनारे पड़ा है। उसके दोनों पिछले पैर टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बैल दर्द, भूख और प्यास से तड़प रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उसकी सुध नहीं ली है।read more:https://pahaltoday.com/after-hearing-the-arguments-of-advocate-girish-srivastava-and-examining-the-file-sufficient-grounds-for-bail-were-found/स्थानीय निवासियों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बैल गंभीर रूप से घायल हो गया था। दुर्घटना के बाद वह सड़क पर गिर गया। राहगीरों और आसपास के लोगों ने उसे सड़क से हटाकर किनारे पहुंचाया ताकि कोई और दुर्घटना न हो। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी घायल गौवंश के उपचार या उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण बैल की हालत लगातार बिगड़ रही है। क्षेत्र के कुछ लोगों ने अपने स्तर पर बैल को दवा, चारा और पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। इसके बावजूद, उचित चिकित्सा और देखभाल के अभाव में उसकी पीड़ा कम नहीं हो पा रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल गौवंश को सुरक्षित गौशाला या पशु चिकित्सालय पहुंचाकर उसका समुचित उपचार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गौ सेवा केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, और प्रशासन को घायल गौवंश को जीवनदान देने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।