जर्मनी में ओवरनाइट स्टे करने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या बढ़ी

वैश्विक पर्यटन पर भले ही भू-राजनीतिक चुनौतियों का दबाव हो, लेकिन जर्मनी लगातार एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। जर्मन नेशनल टूरिस्ट बोर्ड (जीएनटीबी) के अनुसार, जनवरी से मई, 2026 के बीच जर्मनी में कुल 17.49 करोड़ रात्रि-प्रवास (ओवरनाइट स्टे) दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.3 प्रतिशत अधिक है। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने कुल 2.87 करोड़ ओवरनाइट स्टे किए, जो इस मामले में स्थिरता दिखाता है। वहीं, जर्मनी के भीतर घरेलू पर्यटन अब महामारी से पहले के वर्ष 2019 के स्तर को भी पार कर चुका है, जो यह दिखाता है कि पर्यटन के मामले में जर्मनी एक भरोसेमंद और पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है।जर्मनी के पर्यटन सेक्टर के लिए भारत एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार बना हुआ है। जनवरी से मई 2026 के बीच भारतीय यात्रियों के ओवरनाइट स्टे की संख्या बढ़कर 3,50,488 हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.1 प्रतिशत अधिक है। अकेले मई, 2026 में ही 86,870 ओवरनाइट स्टे देखने को मिले। यह दिखाता है कि भारतीय यात्रियों में जर्मनी की संस्कृति, खानपान, शहरों और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने की रुचि लगातार बढ़ रही है।इसी सकारात्मक रुझान को देखते हुए जर्मन नेशनल टूरिस्ट ऑफिस (जीएनटीओ) इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए वर्ष 2026 की अपनी रणनीति को चार प्रमुख थीम पर केंद्रित किया है—एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक वर्षगांठ, जीवंत शहरी जीवन, जर्मनी की समृद्ध पाक परंपरा तथा परिवार, मित्रों एवं प्रकृति से जुड़े अनुभव।readmore:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/

भारतीय पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में जर्मनी ने अपनी स्थिति और मजबूत की

भारत के लिए जर्मनी की पर्यटन रणनीति पर बात करते हुए जीएनटीओ के भारत स्थित मार्केटिंग एवं सेल्स ऑफिस के डायरेक्टर रोमिट थियोफिलस ने कहा कि दुनियाभर में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद जर्मनी एक स्थिर और भरोसेमंद पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। भारत उन प्रमुख बाजारों में से है, जो इसकी गति को आगे बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2026 का उद्देश्य पारंपरिक दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़ते हुए जर्मनी के उन पहलुओं को सामने लाना है, जो सही मायनों में उसे गहराई से जानने और समझने लायक बनाते हैं। हम चाहते हैं कि भारतीय यात्री जर्मनी को केवल उसके प्रसिद्ध स्थलों के नाम से नहीं, बल्कि उसकी कहानियों, स्वादिष्ट अनुभवों और यादगार पलों के माध्यम से भी जानें।”

बेरूथ वैग्नर फेस्टिवल के 150 वर्ष: जर्मनी मना रहा है एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक वर्षगांठ

वर्ष 2026 जर्मन संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। बेरूथ शहर की प्रसिद्ध ग्रीन हिल पर स्थित बेरूथ फेस्टिवल थिएटर अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे कर रहा है। संगीत और फिल्मों में कहानी कहने की कला में उनके ‘लाइटमोटिफ’ के प्रयोग का प्रभाव आज भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

शहरों की जीवंत संस्कृति: यूरोप का सांस्कृतिक भविष्य गढ़ रहे हैं जर्मनी के शहर

वर्ष 2026 में जर्मनी के प्रमुख शहरी पर्यटन केंद्र के रूप में बर्लिन अपनी पहचान और मजबूत कर रहा है। बड़े प्रदर्शनों, नए सांस्कृतिक उत्सवों और विश्वस्तरीय मनोरंजन कार्यक्रमों के कारण यह शहर वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर रहा है। यह आयोजन यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल म्यूजियम आइलैंड के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले समारोहों का प्रमुख आकर्षण होगा।

स्वाद और परंपरा का संगम: जर्मनी का समृद्ध खानपान

जर्मनी की पाक विरासत उसके विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और मौसमों से गहराई से जुड़ी हुई है। देश के 13 प्रमुख वाइन उत्पादक क्षेत्रों में 11,000 से अधिक वाइनरी लगभग एक लाख हेक्टेयर में फैले अंगूर के बागों का संरक्षण करती हैं। यहां मोसेल घाटी की ताजगी भरी रिस्लिंग से लेकर बाडेन क्षेत्र की शानदार पिनोट नोयर तक अनेक प्रकार की वाइन तैयार की जाती हैं। पर्यटक यहां वाइन चखने के साथ-साथ अंगूर के बागों और नदी किनारे बने सुंदर प्राकृतिक मार्गों पर पैदल भ्रमण का भी आनंद ले सकते हैं।

परिवार, मित्र और प्रकृति: जर्मनी के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच सुकून भरे पल

जर्मनी के प्राकृतिक पर्यटन स्थल उन यात्रियों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं, जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ जीवंत और यादगार अनुभवों की तलाश में हैं। देश में 320 से अधिक लंबी दूरी के साइकिल मार्ग और सर्टिफाइड साइकिल ट्रैवल रीजन हैं। कीमजे-कीमगाउ की झीलों और आल्प्स पहाड़ी के मनमोहक दृश्यों से लेकर टॉयफेल्समूर के दलदली प्राकृतिक रास्तों तक, ये क्षेत्र परिवारों और मित्रों के समूह को आरामदायक तरीके से साइकिल चलाते हुए पूरे क्षेत्र का आनंद लेने का मौका देते हैं।राइनहेसन , पैलेटिनेट , मोसेल और फ्रैंकोनिया जैसे क्षेत्रों में आयोजित वाइन हाइक पर्यटकों को ग्रामीण प्राकृतिक वातावरण में सैर करने के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका देती हैं। वहीं, नदी किनारे बने सुंदर रास्ते और अंगूर के बागों के मनोहारी दृश्य रोजाना की भागदौड़ से दूर सुकून और प्रकृति से जुड़ने का अनुभव कराते हैं।यह थीम विशेष रूप से उन भारतीय यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो अब मल्टीजनरेशनल फैमिली हॉलिडे और वेलनेस आधारित यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे जर्मनी एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है, जहां एक साथ बहुत सहजता से सस्टेनेबिलिटी, प्राकृतिक खूबसूरती, परिवार के साथ बिताए गए पलों और एक्टिव ट्रैवल के वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है

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