आजमगढ़।अतरौलिया क्षेत्र में स्थित लगभग 50 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मण्डई आज भी लोगों के लिए जनसुनवाई और संवाद का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। समय के साथ इसकी संरचना और स्वरूप में बदलाव आया है, लेकिन जनता से जुड़ाव और सेवा की भावना आज भी पहले की तरह कायम है।क्षेत्र के लोग बताते हैं कि यह मण्डई वर्षों से आमजन की समस्याओं के समाधान और सामाजिक संवाद का महत्वपूर्ण स्थल रही है। वर्तमान में अतरौलिया के ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव अपने पिता स्वर्गीय माया प्रसाद यादव की परंपरा और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।प्रतिदिन इस मण्डई में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर पहुंचते हैं। ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करते हैं तथा उनके त्वरित निस्तारण का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि यह स्थान आज भी क्षेत्रवासियों के विश्वास का केंद्र बना हुआ है।read more:https://pahaltoday.com/on-the-147th-foundation-day-of-the-bjp-workers-lit-lamps-and-paid-tribute-to-great-men/स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि इस मण्डई से क्षेत्र का एक लंबा सामाजिक और जनसेवा का इतिहास जुड़ा हुआ है। यहां आने पर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं और लोगों को अपनापन महसूस होता है।ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा कि जनता का विश्वास, बुजुर्गों का आशीर्वाद और सहयोगियों का साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों का स्नेह और भरोसा उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है।अतरौलिया की यह मण्डई आज भी केवल एक बैठक स्थल नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद, विश्वास और सेवा का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।