सोनभद्र। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत शुक्रवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ ने जिले के सभी 10 विकास खंडों पर एक साथ धरना-प्रदर्शन कर अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन संबंधित खंड विकास अधिकारियों को सौंपा गया। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में धरना का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने किया।read more:https://khabarentertainment.in/shruti-sharma-of-bijnor-became-cdo-of-hapur/
जिलाध्यक्ष विनय कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार रोजगार सेवकों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के साथ-साथ आवास योजना, बीएलओ और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद रोजगार सेवकों का मानदेय पिछले आठ माह से लंबित है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की कि पिछले करीब 20 वर्षों से सेवा दे रहे रोजगार सेवकों को नियमित किया जाए तथा उनका मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। इसके साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था को समाप्त कर अलग बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि समय से भुगतान हो सके। जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस एचआर पॉलिसी लागू की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं आज तक लागू नहीं की गईं, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। जिला संयोजक प्रशांत सिंह ने कहा कि लगातार मानदेय न मिलने से रोजगार सेवकों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि रोजगार सेवक गांव स्तर पर सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर अमित, विनीता, बागुंडार, संतोष, अमरेश, सुनील, अनिल, संजय कुशवाहा, धर्मवीर, वकील, शैलेंद्र, सतीश आदि मौजूद रहे।