गाजीपुर । जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शुक्रवार को जिला अस्पताल, एनआरसी सेंटर, ट्रामा सेंटर एवं वन स्टाप सेंटर का स्थलीय निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने एनआरसी सेंटर में महिलाओं से संवाद कर उनके बच्चों के स्वास्थ्य, उपचार तथा उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे पोषक आहार की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से भी जिलाधिकारी ने सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों का हालचाल पूछते हुए चिकित्सकों द्वारा की जा रही जांच, उपचार और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। मरीजों की रिपोर्ट एवं उपचार की प्रगति के बारे में संबंधित चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान ट्रामा सेंटर की हैंडओवर प्रक्रिया तथा पिलर निर्माण के संबंध में भी जिलाधिकारी ने जानकारी ली।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/वन स्टाप सेंटर में उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर एवं सेल्टर रजिस्टर का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर और सभी वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अस्पताल में नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधार किया जाए।दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाएं मरीजों को समय से उपलब्ध कराई जाएं। आवश्यक दवाओं की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। दवाओं के स्टॉक का नियमित सत्यापन करते हुए उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।जिलाधिकारी ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। अस्पताल की व्यवस्थाओं में कहीं भी कमी सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं तथा मरीजों की सुविधाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुचारु और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।