सोन नदी हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग

सोनभद्र। जुगैल थाना क्षेत्र के मीतापुर गांव के समीप सोन नदी में डूबने से तीन लोगों की हुई मौत की घटना से आहत राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग किया। नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा सोन नदी में बालू खनन के दौरान बनाए गए गहरे गड्ढों के कारण हुआ है। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से अवैध एवं अनियंत्रित खनन की शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारी मशीनों के माध्यम से किए जा रहे खनन से सोन नदी की प्राकृतिक जलधारा प्रभावित हुई है और नदी का मूल स्वरूप बदल गया है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों, पशुओं तथा जलचर जीवों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।read more:https://pahaltoday.com/us-iran-ceasefire-a-positive-step/साथ ही पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। राष्ट्रीय लोकदल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी व्यक्तियों तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मृतकों के आश्रित परिवारों को समुचित आर्थिक सहायता एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें इस कठिन समय में राहत मिल सके। रालोद ने जनहित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खनन गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। मौके पर जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह पटेल, युवा प्रदेश महासचिव विवेक चतुर्वेदी, युवा जिलाध्यक्ष प्रशांत विष्णु प्रताप सिंह, रविंद्र दुबे आदि मौजूद रहे।

 

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