सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड बैठक में कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद मंसूर बदर ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर जोरदार ढंग से अपनी बात रखी। विशेष रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बढ़ाए गए लाइसेंस शुल्क, लकड़ी कारोबार, स्मार्ट सिटी योजनाओं और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सदन में कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि 15 हॉर्स पावर से बड़ी आरा मशीनों पर प्रस्तावित 20 हजार रुपये के लाइसेंस शुल्क को घटाकर 10 हजार रुपये किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय तनावों के कारण लकड़ी कारोबार पहले ही प्रभावित है, ऐसे में कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ उचित नहीं है। इस मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पार्षदों द्वारा विरोध किए जाने का भी उल्लेख किया और कुछ विपक्षी पार्षदों के मौन रहने पर सवाल उठाए।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/ मंसूर बदर ने प्रस्ताव संख्या-90 के तहत खाताखेड़ी हब की लगभग 1400 गज भूमि 33ध्11 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए देने का भी विरोध किया। उनका कहना था कि यह क्षेत्र वुड कार्विंग जोन है और यहां बिजली उपकेंद्र बनने से भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पुराने शहर के लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते हुए पुराने शहर अथवा प्रतापनगर क्षेत्र में अलग जोन स्थापित करने की मांग की। इसके साथ ही जलकल विभाग द्वारा चार लाख 20 हजार रुपये के एक एस्टीमेट पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग भी की। पार्षद ने निर्माण विभाग में ब्लैकलिस्ट ठेकेदारों के कथित हस्तक्षेप, कम दरों पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों के कार्यों की जांच, विभिन्न वार्डों में ट्यूबवेल रीबोर, पुल कम्बोह के समीप नाले के निर्माण, स्मार्ट सिटी योजनाओं, ई-बस खरीद, कंप्यूटर ऑपरेटरों एवं श्रमिकों के वेतन में असमानता तथा नजूल और तालाबों के ठेकों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने पार्षद द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। नगर आयुक्त शिपू गिरि, निगम अधिकारी एवं सभी पार्षद बैठक में मौजूद रहे।