नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर से संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विशाल पैदल मार्च निकलने वाला है, जिसके मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और पुलिस मुस्तैद है। इस बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले, सीजेपी ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है कि सरकार ने पहली बार उनसे बातचीत करने की कोशिश की है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीजेपी पिछले काफी समय से पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीजेपी के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि केंद्र सरकार ने वाकई पहली बार आधिकारिक रूप से बातचीत का प्रयास किया है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि किस मंत्री या अधिकारी द्वारा यह बातचीत शुरू करने की पहल की गई थी। इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी बरकरार है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो इस समय सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, ने हाल ही में अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कुछ शर्तें रखी थीं।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/ उन्होंने मांग की थी कि यदि सांसद मॉनसून सत्र में पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से उठाते हैं, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनकी तबीयत के कारण वह मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो सांसद और विभिन्न दलों के नेता अस्पताल आकर उनसे मुलाकात करें और इस मुद्दे पर कार्रवाई का आश्वासन दें। वांगचुक ने जोर दिया था कि या तो सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुए पेपर लीक की जवाबदेही स्वीकार करे, या सीजेपी नेतृत्व के साथ संसद के द्वार तक पहुंचने पर उन्हें यह आश्वासन मिले। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने इस मार्च को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 सालों से देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहे प्रदर्शन ने लोकतंत्र को फिर से जीवंत कर दिया है। दिपके ने कहा कि देशभर से लोग आ रहे हैं और संसद तक जाने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने अमेरिका में अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि लोग सोचते थे कि यह केवल सोशल मीडिया पर ट्रेंड बनकर रह जाएगा, लेकिन आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कें पूरी तरह से भरी हुई हैं। सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के अन्य प्रमुख स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।