मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कोटला कलां स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में किए दर्शन

नई दिल्लीर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश के कोटला कलां स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर, संत बाबा बाल जी आश्रम पहुंचकर माथा टेका तथा पूज्य राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटला कलां के श्री राधा-कृष्ण मंदिर और पूज्य बाबा बाल जी महाराज के पावन आश्रम में आकर उनका मन श्रद्धा, शांति और आनंद से भर गया। उन्होंने संत बाबा बाल जी महाराज द्वारा भक्ति संगीत, सत्संग और भक्तमाल कथाओं के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के कार्य की सराहना की।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिकता और तपस्या की भूमि है। यह देवभूमि है, जहां की संस्कृति में सेवा, सरलता और अध्यात्म का विशेष स्थान है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सीमाओं से भले ही अलग हैं, लेकिन दोनों राज्यों की संस्कृति, आस्था, संस्कार और आपसी संबंध उन्हें हमेशा जोड़कर रखते हैं। हमारी सीमाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी भावनाएं एक हैं।

read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette

कर्मयोग और लोक-कल्याण का संदेश देता है भगवान श्रीकृष्ण का जीवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्मयोग का संदेश देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में उन्होंने कर्म को सर्वोपरि बताते हुए मनुष्य को अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा दी। परिस्थितियां कैसी भी हों और चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए भी इसी कर्मयोग की आवश्यकता है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाएगा, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।

आधुनिकता के साथ संस्कारों से जुड़ना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक बनना अच्छी बात है, लेकिन आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों से कट जाना नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा आज युवा पीढ़ी के सामने एक गंभीर चुनौती है। युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें खेल, शिक्षा, योग, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों, आश्रमों और संत समाज की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने अनमोल जीवन को नशे का गुलाम न बनने दें और अपनी ऊर्जा को समाज तथा देश के निर्माण में लगाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *