गागलहेड़ी (सहारनपुर)। क्षेत्र के सैय्यद माजरा और हरोड़ा अहतमाल में मोहर्रम की 10वीं तारीख (यौमे आशूरा) पर हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में अकीदत के साथ मातमी जुलूस निकाले गए। जुलूसों में बड़ी संख्या में अजादार शामिल हुए और या हुसैन की सदाओं के बीच करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। सैय्यद माजरा में निकले आशूरा जुलूस की अगुवाई प्रधान शाहजेब हुसैन, आयोजक शमीम हुसैन तथा डॉ. फैसल ने की। जुलूस में अलमदार फरहात हुसैन, शान हुसैन और वकील मुतहार शामिल रहे। नोहाखानी का सिलसिला सज्जाद हुसैन, इंतजार हुसैन, जकरिया हुसैन, डॉ. अबरार, इफ्तिखार, सुभान पाशा, डॉ. जाफर, शाहबाज और मोईन सहित अन्य अजादारों ने अंजाम दिया। जुलूस इमामबाड़ा से शुरू होकर डॉ. कौसर की बैठक, बड़ी मस्जिद होते हुए हिंडन नदी स्थित करबला पहुंचकर सम्पन्न हुआ। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने भी हाथों में निशान लेकर जुलूस में भाग लिया। अतश हुसैन, औन कौसर और सफीर हुसैन भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं हरोड़ा अहतमाल में भी ताजिया जुलूस पूरी शांति और धार्मिक आस्था के साथ निकाला गया।read more:https://pahaltoday.com/retired-officers-house-in-up-notes-everywhere-currency-found-scattered-everywhere/दोपहर में नमाज-ए-जोहर के बाद उठे ताजिए राव बाबर और राशिद अली के आवास से होते हुए बड़ी मस्जिद और राव खालिद के मकान के रास्ते बाबा रुकमुद्दीन शाह की मजार पर पहुंचे, जहां कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जुलूस में राव अबरार, राव इकबाल, राव बाबर मुकम्मल, अजमल, जावेद, सावेज, राव तहमूर, शहजाद प्रधान, शहीद, शाहिद, अनस, अमान, सेफ, आलम और रहमान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सैय्यद माजरा और हरोड़ा क्षेत्र में मोहर्रम के सभी जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।