बाराबंकी। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, उपजिलाधिकारी बृजेन्द्र उपाध्याय तथा तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय ने नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित गांवों और राहत शिविरों तक पहुंचकर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-makes-extensive-preparations-for-uninterrupted-power-supply-during-kanwar-yatra-uppcl-gears-up/ निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खजुरी, जलालपुर और गुनौली गांवों का भ्रमण किया। इसके बाद खजुरी स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचकर पेयजल, दवा, शौचालय, बिजली, आवास सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन के अनुसार सरयू नदी के जलस्तर में चार सेंटीमीटर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नावों को हर समय तैयार रखने, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी बृजेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। वहीं तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय ने कहा कि राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस समेत अन्य विभागों की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। इस दौरान अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखी जाएंगी।
सरयू नदी खतरे के निशान से 6 सेमी ऊपर
बाराबंकी। जिले में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। गुरुवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.130 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत व्यवस्था को तेज कर दिया है। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील के तटवर्ती गांवों में नदी के बढ़ते पानी का असर दिखाई देने लगा है। रामनगर तहसील के हेतमापुर, सुंदरनगर, बेलहारी, भलाईपुर, बाबापुर, ललपुरवा, कोड़री और सरसंडा सहित कई गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गांव के रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है। कुछ परिवार एहतियातन प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में पहुंचने लगे हैं, जबकि कई ग्रामीण अपने घरों के आसपास अस्थायी व्यवस्था कर आवश्यक सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं। केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता मोहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि ऊपरी क्षेत्रों से और पानी छोड़ा गया या बारिश जारी रही तो जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।