शॉर्ट वीडियो की लत एकाग्रता और स्मरण शक्ति के लिए नुकसानदायक: प्रो. अजय

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के वेलनेस सेंटर की ओर से नवप्रवेशित स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, स्वस्थ जीवनशैली तथा जीवन की विभिन्न समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के प्रति जागरूक करना था।व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं वेलनेस सेंटर के समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि तन के साथ मन का भी ख्याल रखना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शॉर्ट वीडियो एवं डिजिटल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लगातार शॉर्ट वीडियो देखने की आदत ध्यान क्षमता, एकाग्रता तथा स्मरण शक्ति को प्रभावित कर सकती है। विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग करने तथा पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बीच उचित संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्रा ने विद्यार्थियों को जीवन की समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette उन्होंने कहा कि प्राचीन तकनीकें वर्तमान जीवन की अनेक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सहायक हो सकती हैं। विद्यार्थियों को उपयोगी प्राचीन तकनीकों को समझने और उन्हें जीवन में उचित रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।वेलनेस सेंटर की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं स्वस्थ कोपिंग स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी मानसिक या भावनात्मक समस्या को अकेले न झेलने तथा आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग सेंटर से सहायता लेने का आह्वान किया। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने तथा प्रतिदिन लगभग 30 मिनट पैदल चलने की सलाह दी।व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने अतिथियों एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने तनाव और उसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में तनाव का अनुभव सामान्य है, लेकिन उसे पहचानना और स्वस्थ तरीके से प्रबंधित करना आवश्यक है।इस अवसर पर अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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