गाजीपुर। मानवता की मिसाल पेश कर रहे गाजीपुर निवासी कुँवर वीरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी से पोस्टमार्टम हाउस तक शव वाहन के सुगम आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है। वीरेंद्र सिंह पिछले 14 वर्षों से बिना किसी एनजीओ, ट्रस्ट अथवा सरकारी सहायता के, पुलिस के सहयोग से जिले में मिलने वाले लावारिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनका अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं।
वीरेंद्र सिंह के अनुसार, वह हिंदू अज्ञात शवों का हिंदू रीति-रिवाज से दाह-संस्कार तथा मुस्लिम अज्ञात शवों को मुस्लिम रीति से सुपुर्द-ए-खाक कराते हैं। उनकी इस मानवीय सेवा के लिए उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
बाउंड्रीवाल बनी बड़ी परेशानी
जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस के बगल में पुलिस आवास की बाउंड्रीवाल बनने के बाद शव वाहन के लिए रास्ता अवरुद्ध हो गया है। किसी तरह शव वाहन पोस्टमार्टम हाउस के गेट तक पहुंच भी जाए तो वहां उसे पीछे करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती।वीरेंद्र सिंह का कहना है कि लावारिस शव को कंधा देने वाला भी कोई नहीं होता। ऐसे में उन्हें पुलिस के सहयोग से काफी दूर से स्ट्रेचर के जरिए शव को पोस्टमार्टम हाउस के अंदर ले जाना पड़ता है। यह स्थिति उनके लिए शारीरिक रूप से बेहद कष्टदायक है।
‘थोड़ी सी जमीन की व्यवस्था से खत्म हो सकती है समस्या’ उन्होंने जिलाधिकारी से मानवीय आधार पर मांग की है कि पोस्टमार्टम हाउस के बगल टिन शेड के पास खाली पड़ी जमीन पर मिट्टी भरवाकर रास्ता सुगम कराया जाए, ताकि शव वाहन आसानी से पोस्टमार्टम हाउस के गेट तक पहुंच सके और वापस भी निकल सके।वीरेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
एक तरफ जहां अपनों के शव को कंधा देने में भी लोग पीछे हट जाते हैं, वहीं कुँवर वीरेंद्र सिंह पिछले 14 वर्षों से उन लोगों को अंतिम संस्कार/सम्मान दे रहे हैं, जिनका दुनिया में कोई अपना नहीं बचा। अब उनकी नजर प्रशासन के उस मानवीय आदेश पर टिकी है, जिससे इस सेवा का रास्ता आसान हो सके।