सोनभद्र। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) सोनभद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के जून-2026 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनियमितता पाए जाने पर तहसील दुद्धी के तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जनसुनवाई कक्ष में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि प्राप्त किए बिना ही आख्या अपलोड कर शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। इसके चलते असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि शासन और मंडल स्तर से जारी निर्देशों के बावजूद शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है।read more:https://pahaltoday.com/patients-machines-and-hackers-the-health-systems-new-crisis/ जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने की व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल शासन की मंशा प्रभावित हो रही है बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। उन्होंने कहा कि असंतुष्ट फीडबैक में लगातार वृद्धि पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता और लापरवाही को दर्शाती है। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने उ.प्र. जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित समस्त स्टाफ का जून माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि असंतुष्ट फीडबैक में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर निलंबन की संस्तुति भी की जाएगी। समीक्षा बैठक में तहसील दुद्धी से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार दुद्धी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, औपचारिकता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।