उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस हेल्थ कार्ड योजना” के अंतर्गत शनिवार को आजमगढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने कूबा पीजी कॉलेज, दरियापुर (नेवादा), आजमगढ़ के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर शिक्षकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस हेल्थ कार्ड योजना का उद्देश्य शिक्षकों को गंभीर बीमारी अथवा आपातकालीन स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्त करते हुए बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों के सम्मान और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।इस अवसर पर कूबा पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अभिमन्यु यादव ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा किसी भी कर्मचारी के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। सरकार की यह पहल शिक्षकों और उनके परिवारों को कठिन समय में बड़ी राहत प्रदान करेगी।कार्यक्रम में प्रोफेसर देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. शैलेंद्र प्रताप रघुवंशी, डॉ. राणा प्रताप सिंह, पंकज कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/ सभी ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस हेल्थ कार्ड प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस हेल्थ कार्ड योजना की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों को ₹5 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के उपचार कराया जा सकेगा।इसके अतिरिक्त, शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक की बीमा सुरक्षा प्रदान किए जाने की भी व्यवस्था की गई है। इससे सेवा अवधि के दौरान किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह योजना न केवल शिक्षकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को कम करेगी, बल्कि उन्हें अधिक निश्चिंत होकर अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए भी प्रेरित करेगी। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों को शुभकामनाएं देने तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संकल्प के साथ हुआ।