नहटौर। गुरूगद्दी दरबार फुलसंदा आश्रम में सोमवार को परलोक यात्रा पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के माहौल में मनाया गया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते आश्रम परिसर दिनभर भक्तिमय बना रहा। मथुरा, मुरादाबाद, गढ़, हाथरस, फर्रुखाबाद, रामपुर, कानपुर, शामली सहित कई जनपदों और अन्य राज्यों से अनुयायी पदयात्रा कर आश्रम पहुंचे।read more:https://khabarentertainment.in/saffron-flag-hoisted-at-shyama-prasads-birthplace-bjp-to-form-government-in-bengal-for-the-first-time/पर्व के अवसर पर आयोजित विशाल सत्संग में बाबा फुलसंदे वालों ने अनुयायियों को परलोक यात्रा का विस्तृत अनुभव सुनाया। उन्होंने बताया कि जब वह मात्र 19 वर्ष के थे, तब मृत्यु के देवता यम उन्हें अपने साथ ले गए थे। इस दौरान उन्होंने अनेक लोकों, भुवनों और खंडों के दर्शन किए, जहां विभिन्न देवी-देवताओं का साक्षात्कार हुआ। अंततः उन्हें परमब्रह्म के लोक में ले जाया गया, जहां ‘एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा’ की दिव्य ध्वनि निरंतर गूंजती रहीउन्होंने श्रद्धालुओं से इस मंत्र का निरंतर जाप करने और जीवन में बुराइयों का त्याग कर सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कहा कि सत्य ही सनातन और अटल है, जबकि संसार और मानव शरीर नश्वर हैं। शरीर नष्ट हो सकता है, लेकिन आत्मा परमब्रह्म के नाम का स्मरण करती रहती है।सत्संग के उपरांत महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद बाबा से आशीर्वाद लेने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुमंत्र की दीक्षा लेकर आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया।भीड़ को देखते हुए आश्रम प्रबंधन ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। विभिन्न सेवाओं में लगे सेवादारों ने व्यवस्था संभाली और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।