निपुण भारत डैशबोर्ड को मिला राष्ट्रीय सम्मान, सोनभद्र की शिक्षा व्यवस्था ने रचा नया कीर्तिमान

सोनभद्र। शिक्षा प्रशासन में तकनीक और आंकड़ों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए सोनभद्र की अभिनव पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए), नई दिल्ली की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पहल में निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित कार्यप्रणाली को सम्मान के लिए चयनित किया गया। नई दिल्ली में 2 और 3 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखंड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके नवाचारों और उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।सोनभद्र की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि जिले में आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन की दिशा में लंबे समय से काम किया जा रहा है। विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और दूरदराज के विद्यालयों के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों, नामांकन और विद्यालयी संसाधनों से जुड़ी सूचनाओं का त्वरित संकलन एवं विश्लेषण बड़ी चुनौती रहा है। इसे देखते हुए विभाग ने तकनीक के माध्यम से वास्तविक समय में सूचनाओं के उपयोग और उनके आधार पर निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकसित डैशबोर्ड के जरिए विद्यार्थियों के अधिगम स्तर की नियमित निगरानी की जाती है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों को चिन्हित किया जाता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण और अन्य शैक्षिक हस्तक्षेप किए जाते हैं। इस व्यवस्था ने ‘आंकड़ा संग्रह से विश्लेषण, विश्लेषण से हस्तक्षेप और हस्तक्षेप से सुधार’ की कार्यप्रणाली को मजबूती दी है। जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से विद्यालयों की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में समयबद्ध कार्रवाई कर सकते हैं।
पहले भी मिल चुका है राष्ट्रीय मंच
सोनभद्र की आंकड़ा आधारित प्रशासनिक पहल को इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। एनआईईपीए के शैक्षिक प्रशासन में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के वर्ष 2018-19 के संकलन में जिले की आधारभूत संरचना, नामांकन एवं शिक्षकों से संबंधित तात्कालिक आंकड़ों के प्रबंधन की पहल को स्थान मिला था। इसके बाद ‘यूज डेटा’ प्रतियोगिता की आकांक्षी जनपदों की शिक्षा श्रेणी में सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

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