नगीना । पुलिस अधीक्षक के के विश्नोई के निर्देश पर पुलिस ने नगर में कृष्ण जन्माष्टमी व ऐतिहासिक रामडोल की तैयारियों को लेकर क्षेत्र के अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है। सीओ राजेश कुमार सोलंकी व थाना प्रभारी विकास कुमार के अनुसार रामडोल जुलूस में किसी भी तरह का माहौल खराब न हो उसके लिए अपराधियों व खुराफातियों की सूची तैयार की जा रही है जिससे रामडोल जुलूस से पूर्व ही ऐसे तत्वों पर लगाम कसी जा सके।नगीना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के.के.विश्नोई के आदेश का पालन करते हुए 5 सितंबर को प्रसिद्ध व ऐतिहासिक रामडोल जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र के हर छोटे बडे अपराधियों, खुराफातियों व असमाजिक तत्वों की कुंडली खंगाल रही है। सीओ राजेश कुमार सोलंकी व थाना प्रभारी विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि रामडोल में किसी भी तरह का माहौल खराब न हो और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उसके लिए क्षेत्र के कई छोटे बडे अपराधियों व खुराफातियों की सूची तैयार की जा रही है तथा कई और अपराधी व असमाजिक तत्वों की कुंडली खंगाल ली गई है। जिससे रामडोल से पूर्व ही उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाही की जा सके। सीओ राजेश कुमार व थाना कोतवाल विकाश कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके रहते रामडोल जुलूस में किसी ने भी नगर या क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास किया तो चाहे वो कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
दोपहर 12 बजे सेzरात्रि 10बजे तक परीक्षा की घड़ी
बहुचर्चित रामडोल का जुलूस आगामी 05 सितम्बर की दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 10 बजे समाप्त होगा यह समय पुलिस प्रशासन के लिए एक परीक्षा की घड़ी होती है जुलूस में 09 अखाड़े, चार झांकी व एक डोला शामिल रहता है। जुलूस फाटक पार साहू ट्रेडर्स से प्रारंभ होकर ब्राह्मणी वाले तालाब पर श्री कृष्ण के पोतड़े धोने की परंपरा के बाद समाप्त होता है तथा डोला वापस बड़ा मंदिर पहुंचने पर पुलिस प्रशासन राहत की सांस लेता है।
लखनऊ में होगी रामडोल जुलूस की मॉनिटरिंग पल-पल की जानकारी से अवगत होते रहेंगे उच्च स्तरीय अधिकारी
शनिवार 05 सितम्बर को निकलने वाला रामडोल का जुलुस शांतिपूर्वक संपन्न करने के लिए सीओ राजेश कुमार सोलंकी,व थाना कोतवाल विकाश कुमार की परीक्षा की घड़ी पहली बार सामने है। हाला की इससे पूर्व कई वर्षों से निकलने वाले सभी जुलूस व शोभा यात्राये शान्ति पूर्वक सम्पन्न होते आ रहे हैं। जिसमे नगर के दोनो धर्मो के गणमान्य लोगों का भरपूर सहयोग रहता है।