गाजियाबाद। जनपद के 22 वर्षीय युवा रोहित कुशवाह ने अपनी प्रतिभा, सामाजिक सरोकार एवं दिव्यांगजनों के प्रति समर्पण के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है। रोहित कुशवाह को Harvard में स्थापित Aspire Institute के Community Action Award से सम्मानित किया गया है। वे यह सम्मान प्राप्त करने वाले भारत के पहले व्यक्ति बने हैं।रोहित कुशवाह नीव शक्ति संस्था के Core Team Member हैं और लंबे समय से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं उनके अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संस्था के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने, उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने तथा समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रोहित विभिन्न दिव्यांग जागरूकता शिविरों में सक्रिय भागीदारी करते हुए लोगों को दिव्यांगजनों के अधिकार, शिक्षा, समान अवसर एवं समाज में उनकी भागीदारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ उनका मानना है कि प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने तथा अपनी प्रतिभा को विकसित करने का समान अवसर मिलना चाहिए।रोहित कुशवाह ने अपनी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया*। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में दिव्यांगजनों को सम्मान एवं आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। शासकीय योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांगजनों को शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, समान अवसर तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग मिल रहा है। इन प्रयासों से दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाते हुए समाज की मुख्यधारा में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।नीव शक्ति संस्था ने रोहित कुशवाह की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता न केवल संस्था, बल्कि पूरे दिव्यांग समुदाय और देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। रोहित की उपलब्धि यह संदेश देती है कि युवा यदि शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को अपना लक्ष्य बनाएं, तो वे समाज में सकारात्मक एवं स्थायी बदलाव ला सकते हैं।रोहित कुशवाह की यह उपलब्धि युवा शक्ति, शिक्षा, सामाजिक सेवा एवं दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के समन्वय की प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी सफलता से अन्य युवाओं को भी दिव्यांगजनों के अधिकार, शिक्षा एवं समान अवसरों के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।