बलिया।जनपद में गंगा तथा सरजू दोनों नदियां उफान पर है। दोनों नदियां खतरा बिंदु के ऊपर बह रही है। दोनों नदियों के उफान पर होने की वजह से शहर के निचले इलाके सहित जनपद के विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।बलिया शहर के निचले इलाके निहोरा नगर,कृष्णा नगर, महावीर घाट, गायत्री मंदिर आदि इलाकों में गंगा नदी के बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। निहोरा नगर जाने वाले रास्ते पर पानी भरने की वजह से लोगों को आवागमन में घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा रहा है।अब यहां आवागमन का एकमात्र सहारा नाव ही रह गया है।बाढ़ की वजह से अधिकतर लोग अपने घरों तक सीमित हो गये है।बहुत जरूरी काम होने पर ही नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/वही सरजू नदी का पानी बैरिया तहसील के चांददीयर चौकी क्षेत्र के गांवों में प्रवेश कर गया है। विभिन्न बस्तियां टापू में तब्दील हो गई है। जिसकी वजह से लोगों की जीवनचार्य अस्त्र व्यस्त हो गई है। वही बांसडीह तहसील के भोजपुरवा तथा बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपाल नगर टाड़ी में सरजू नदी का कहर निरंतर जारी है।बता दें की बलिया की दोनों प्रमुख नदियां गंगा तथा सरयू खतरा बिंदु के ऊपर बह रही हैं। गंगा नदी खतरा बिंदु के 19 सेमी ऊपर तथा सरजू नदी चांदपुर गेज पर 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। दोनों नदियों के उफान पर होने के कारण जनपद के विभिन्न गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।सरयू नदी का जल स्तर चांदपुर गेज पर को खतरा बिन्दु 58.00 से 22 सेमी ऊपर 58.2 दर्ज किया गया।नदी गंगा का जल स्तर भी तेजी से बढ़ते हुए गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर सोमवार को खतरा बिन्दु 57.615 मीटर के सापेक्ष 58.80 मीटर दर्ज किया गया।