बलिया। 15 सितम्बर को घर आने का वादा किये थे। हमारी शादी अभी चार महीने पहले हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही वो नेपाल नौकरी करने चले गये थे।उक्त बातें नेपाल त्रासदी में लापता तथा बलिया के बांसडीह तहसील क्षेत्र अंतर्गत बेऊर गांव निवासी गोविन्द कुमार भारती की पत्नी प्रियंका ने कही। प्रियंका ने रोते हुए बताया कि 26 अगस्त को पति से बातचीत हुई थी।उन्होंने कहा था कि रक्षा बन्धन में मायके जाओगी।तो मैंने हां कहा,तब उन्होंने कहा था कि मायके चली जाना लेकिन राखी बांधने के बाद वापस चली आना। मैं 15 सितम्बर को वापस आऊंगा।प्रियंका ने कहा कि सरकार हमारे पति को ढ़ूंढ़ दे अन्यथा मैं किसके सहारे जीतूंगी।
26 अगस्त को आई थी तबाही
बुधवार यानि 26 अगस्त को नेपाल में आए तबाही ने न केवल नेपाल बल्कि भारत सहित विश्व के रौंगटे खड़े कर दिए हैं। ऐसे में बलिया की बात करें तो रसड़ा निवासी पन्ना लाल चौरसिया की पत्नी और बेटा नेपाल जलप्रय में लापता हैं। वहीं बांसडीह तहसील अंतर्गत बेऊर गांव निवासी गोविंद भारती युवक नेपाल कमाने गए थे,जिनकी 4 महीना पहले शादी हुई थी, जिसका कोई पता नहीं चलने पर ग्रामीण सहित परिजन मायूस हैं।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/
पिता के मुंह से नहीं निकल रहे शब्द
गोविंद के पिता सुमेर इतने दुखी हैं कि जुबान से शब्द नहीं निकल रहे हैं। उन्होंने बस इतना कहा कि सरकार मदत करें और मेरे बेटै को सुरक्षित लाये। बेटे की खोज खबर न मिलने से दुखी मां चिंता देवी ने कहा कि किसी तरह मेरे बेटे को ढ़ूंढ़ कर सरकार ला दे। 26 अगस्त को अंतिम बार बार हुई थी।तब से बार-बार फोन लगाने के बाद गोविन्द का फोन नहीं लग रहा है।नाते रिश्तेदारों भी काफी कोशिश कर रहे हैं कि गोविन्द का पता चल जाय लेकिन नेपाल में आयी त्रासदी में मेरे बेटे की कोई खोज खबर नहीं मिल पा रही है।
पड़ोसियों ने सरकार से हाथ जोड़कर की विनती
ग्रामीण ( पड़ोसी ) संतोष सिंह का कहना है कि परिवार में एक कमाऊ लड़का गोविंद था, किसी से कोई भेदभाव,नफरत नहीं रखता था,शादी के बाद ही नेपाल चला गया,सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि गोविंद को सरकार खोजकर परिवार तक पहुंचा दे, स्थानीय बुजुर्ग ने रोते हुए कहा कि बहुत ही भला लड़का था, घर आ जाय, विनती है।
26 अगस्त को हुई थी गोविंद की पत्नी से बात
गोविंद की पत्नी प्रियंका ने बताया कि चार महीना पहले शादी हुई थी। 26 अगस्त को ही उन्होंने फोन किया था, हम से बोले थे कि रक्षाबंधन में गांव जाओगी ?। मैं बोली थी हां जाऊंगी, तब वो बोले कि चली जाना,पुनः गांव आ जाना,मैं 15 सितंबर को आऊंगा।
गोविन्द का तिलक 28 अप्रैल को शादी एक मई को हुई थी
गोविन्द का तिलक 28 अप्रैल को शादी एक मई को हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही वह नेपाल चला गया था।तीन भाईयों में सबसे बड़े गोविन्द की तालाश में परिजन सहित शुभचिंतक न केवल प्रयास कर रहे हैं बल्कि भगवान से सकुशल वापसी की प्रार्थना भी कर रहे हैं।
बता दें कि विश्व भर से पर्यटक नेपाल के पहाड़ों और उसकी प्राकृतिक सुंदरता ,के साथ – साथ धार्मिक स्थलों को देखने के लिए जाते हैं।लेकिन बुधवार 26 अगस्त को आई बाढ़ ने नेपाल सहित अन्य देशों के लिए बड़ा मंजर खड़ा कर दिया। तबाही के बाद नेपाल में अब भी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बाढ़ की विभीषिका के कारण कम से कम 320 भारतीय नागरिक नेपाल में लापता हैं।
30 अगस्त , रविवार की साढ़े पांच बजे तक की , भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार
भारतीय के विदेश मंत्रालय के अनुसार रेस्क्यू किए गए 149 भारतीय नागरिकों की जानकारी साझा की गई थी,साथ ही बताया गया था कि यह जानकारी 30 अगस्त, 2026 को शाम साढ़े पांच बजे तक की रही है।