ललितपुर। जनपद ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को जिला पंचायत द्वारा जारी किए जा रहे विद्यालय लाइसेंस/लाइसेंस नवीनीकरण संबंधी नोटिसों के विरोध में प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन, ललितपुर द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया।एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 400–500 निजी विद्यालय सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों पर जिला परिषद द्वारा लगभग ₹6,000 वार्षिक कर लगाए जाने तथा लाइसेंस/लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने से विद्यालय संचालकों में चिंता एवं असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आय अथवा लाभ कमाने वाली व्यावसायिक फर्म के रूप में संचालित नहीं होते, बल्कि विद्यालयों की प्राप्तियां शिक्षण कार्य, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन, भवन किराया/रखरखाव, बिजली-पानी, शिक्षण सामग्री, परीक्षा, सुरक्षा, छात्र सुविधाओं एवं अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं पर खर्च होती हैं।एसोसिएशन ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों के निजी विद्यालयों को जारी किए गए ₹6,000 वार्षिक कर संबंधी नोटिसों पर तत्काल रोक लगाई जाए।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteसाथ ही विद्यालयों को सामान्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानकर लाइसेंस निर्धारित करने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए तथा सोसाइटी द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं की गैर-लाभकारी प्रकृति को ध्यान में रखा जाए।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिला पंचायत द्वारा जारी लाइसेंस/लाइसेंस नवीनीकरण संबंधी नोटिसों को तत्काल स्थगित किया जाए तथा सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय होने तक ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों के विरुद्ध किसी प्रकार की वसूली अथवा दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत, शिक्षा विभाग एवं प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की भी मांग की है।ज्ञापन में प्रदेश मुख्यमंत्री से भी अनुरोध किया गया है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी विद्यालयों के संबंध में स्पष्ट नीति/निर्देश जारी किए जाएं, जिससे अलग-अलग स्थानीय निकायों द्वारा अलग-अलग प्रकार के कर एवं लाइसेंस के नाम पर विद्यालयों पर अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक भार न डाला जाए। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव एवं महामंत्री ध्रुव साहू, संजय श्रीवास्तव, मनोज तिवारी टाटा, शिशुपाल सिंह, विजय सिंह यादव, वसीम खजुरिया, रामबाबू राजपूत, अरुण कुमार ताम्रकार, आकाश मसीह, वीरेंद्र निरंजन, डी. एस. विवेक, राजेंद्र सिंह यादव, जयप्रकाश नारायण, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, संतोष कुमार टोडी, राम सेवक दिवाकर, प्रताप नारायण, अशोक सिंह, हेमंत जोशी, अनुरुद्ध सिंह, मुकेश, सुनील कुमार, भारती, सोनम, कूदल सिंह, प्रेम शंकर तिवारी, राम गुलाम, जगदीश द्विवेदी, प्रजेंद्र सिंह, सुरेन सिंह कुर्मी, अखिलेश पानी, कल्याण सिंह, राम जीवन, जगत नारायण पटेरिया, सहित समस्त प्रबंधकों एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय संचालकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।