आल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन एवं गोंड़ समुदाय का प्रदर्शन 

बलिया। जिला कलक्ट्रेट पहुंचे आल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन व गोंड़ समुदाय उत्तर प्रदेश के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रतिनिधि को दिया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को लखनऊ जी.पी.ओ. स्थित भारत रत्न बाबा साहब डा० भीमराव अम्बेडकर व महात्मा गाँधी की प्रतिमा का माल्यार्पण कर गोंड समुदाय उत्तर प्रदेश द्वारा अपने सवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु मुख्यमंत्री व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन/पत्रक सौपा जायेगा। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि हमारी मांग है कि भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम-2002 व 2022 के अनुसार गोंड (धुरिया) जाति को उत्तर प्रदेश के 17 जनपदों महराजगंज, सिद्धार्थनगर बस्ती, गोरखपुर, देवरीया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, कुशीनगर, भदोही, संत कबीरनगर में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। इसलिए भारत के राजपत्र / शासनादेश के अनुपालन में योंड (धुरिया) जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी किया जाय।गोंड जाति उत्तर प्रदेश के 17 जनपद में अनुसूचित जनजाति व शेष जनपदों में अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है। सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में एकरूपता कायम करने के लिए गोंड (धुरिया) जाति को सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाय।उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित सीटों को बैकलाग के माध्यम से भरा जाय।उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षित सीटों को हर हाल में अनुसूचित जानजाति (ST) वर्ग के लोगो से ही भरा जाय किसी अन्य वर्ग के अभ्यर्थीयों से न भरा जाय।हाईस्कूल, इण्टर, स्नातक, स्नातकोत्र, शोध, विधि, मेडिकल, इंजिनियरिंग, पाल्टेक्नीक, आई.टी.आई. की कक्षाओं में अध्यनरत गोंड (घुरिया) अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों को छात्रवृति/फिस प्रतिपूर्ति उलब्ध करायी जाय।
प्रदेश के हर जिले में आदिवासी जनजाति छात्रावास की स्थापना की जाय।भारत सरकार केन्द्र की भांति उत्तर प्रदेश मे भी अलग स्वतंत्र रूप से अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया जाय और उसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य के पदों पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को ही नियुक्त किया जाय।भूमीहिन गोंड (धुरिया) अनुसूचित जनजाति के लोगों को बसने हेतु तीन-तीन डि० भूमि का सरकारी पट्टा दिया जाय तथा खेती हेतु कृषि पट्टा दिया जाय व आवास विहिन गॉड (घुरिया) अनुसूचित जनजाति के लोगो को सरकारी आवास स्वीकृत किया जाय।स्वतंत्रता संग्राम देश की आजादी की लड़ाई में शहीद हुए आदिवासी जनजाति गोंड (धुरिया) समुदाय के लोगो का प्रदेश स्तर/जिले स्तर पर संग्रहालय स्मृति भवन का निर्माण कराया जाय।आदिवासी गोंडऊ नाच-गोंडऊ बाजा हुरूका को प्रदेश सरकार द्वारा संरक्षित व प्रोत्साहीत किया जाय।जनजाति गोंड समुदाय के लोगों पर हमला/उत्पींडन करने वाले लोगो पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम (SC/ST) एक्ट के तहत प्राथमिकि दर्ज कर समुचित कार्रवाई की जाय।

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